Delhi-NCR Air Quality: छह नए एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन शुरू करने के एक दिन बाद, दिल्ली सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि वह अगले वित्त वर्ष में 14 और स्टेशन लगाएगी। इसका उद्देश्य है कि पूरे शहर में हर 25 वर्ग किलोमीटर पर एक मॉनिटरिंग स्टेशन हो।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इसके लिए 5 किमी × 5 किमी का ग्रिड सिस्टम लागू किया जाएगा, ताकि प्रदूषण की निगरानी में जो भौगोलिक कमी है, उसे दूर किया जा सके।
NCR में बढ़ेगा एयर मॉनिटरिंग नेटवर्क
यह कदम एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के निर्देश के अनुरूप है। आयोग ने पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में इसी ग्रिड प्रणाली के तहत ज्यादा मॉनिटरिंग स्टेशन लगाने की बात कही है। CAQM के अनुसार, एनसीआर के शहरों में 21 नए स्टेशन लगाए जा रहे हैं, जिनमें से 14 दिल्ली में होंगे, और इसके बाद 46 और स्टेशनों की जरूरत होगी।
सिरसा ने कहा, “हम 5×5 किमी के ग्रिड पर काम कर रहे हैं। 2026-27 तक दिल्ली के पूरे भौगोलिक क्षेत्र को कवर कर लिया जाएगा।” नए स्टेशनों के लिए स्थानों का आकलन जारी है।
Air Pollution Monitoring: दिल्ली में छह नए स्टेशन शुरू
दिल्ली में पहले से ही देश का सबसे सघन मॉनिटरिंग नेटवर्क है। सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जेएनयू, इग्नू, एसपीएमएसपीसी टॉकटोरा गार्डन, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, दिल्ली कैंट और एनएसयूटी (वेस्ट कैंपस) में छह नए स्टेशन शुरू किए।
हर 25 वर्ग किमी पर होगा एयर क्वालिटी मॉनिटर
इन नए स्टेशनों के बाद 1,483 वर्ग किलोमीटर में फैली दिल्ली में कुल 46 स्टेशन हो गए हैं, यानी हर 32 वर्ग किलोमीटर पर एक स्टेशन। प्रस्तावित 14 और स्टेशन जुड़ने के बाद कुल संख्या 60 हो जाएगी, जिससे हर 25 वर्ग किलोमीटर पर एक स्टेशन का लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
यह विस्तार सितंबर में आई सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (CSE) की रिपोर्ट के बाद किया जा रहा है। रिपोर्ट में बताया गया था कि दिल्ली के लगभग 25% क्षेत्र, खासकर बाहरी इलाकों में, 5 किमी के दायरे में कोई मॉनिटरिंग स्टेशन नहीं है।
NCR Air Quality Stations: दिल्ली-एनसीआर में कुल 157 स्टेशन

CAQM की क्षेत्रीय योजना के अनुसार, दिल्ली और उससे सटे एनसीआर शहरों जैसे गाजियाबाद, नोएडा और फरीदाबाद में हर 25 वर्ग किलोमीटर पर एक स्टेशन होना जरूरी है। जबकि अन्य जिला मुख्यालयों में हर 50 वर्ग किलोमीटर पर एक स्टेशन लगाया जाएगा। आयोग ने कहा कि शहरी सीमा से लगे और उपनगरीय क्षेत्रों में निगरानी जरूरी है, ताकि प्रदूषण के आने-जाने और शहरी विस्तार के असर को समझा जा सके।
सभी प्रस्तावित स्टेशन लगने के बाद दिल्ली-एनसीआर में कुल 157 स्टेशन हो जाएंगे। दिल्ली में 60, हरियाणा (एनसीआर) में 45, राजस्थान (एनसीआर) में 9 और उत्तर प्रदेश (एनसीआर) में 43।
Delhi News: ज्यादा स्टेशन होने से बेहतर कवरे
विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा स्टेशन होने से बेहतर कवरेज मिलेगी और नीतिगत फैसले लेने में मदद मिलेगी। CSE की कार्यकारी निदेशक अणुमिता रॉय चौधरी ने कहा कि डेटा की गुणवत्ता और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करना जरूरी है, क्योंकि पहले भी एनसीआर के कई स्टेशनों से डेटा गायब होने की समस्या देखी गई है।
वहीं, एनवायरोकैटलिस्ट्स के संस्थापक सुनील दहिया ने कहा कि नए स्टेशन ऐसी जगहों पर लगाए जाने चाहिए जो पूरे शहर का सही प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि हाल में लगाए गए छह स्टेशन ज्यादातर हरित क्षेत्रों में हैं, इसलिए ध्यान रखा जाए कि सभी नए स्टेशन केवल हरित इलाकों में न लगाए जाएं, वरना औसत आंकड़े प्रभावित हो सकते हैं।




















