Paro Pinaki Ki Kahani: दिल्ली स्थित फिल्म डिवीजन आडिटोरियम में AAP पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पारो-पिनाकी फिल्म देखने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ मनीष सिसोदिया और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह भी मौजूद थे। इशिता सिंह और संजय बिश्नोई की मुख्य भूमिका में इस फिल्म की कहानी पर केजरीवाल ने जमकर तारीफ की और फ़िल्म की पूरी टीम को बधाई और शुभकामनाएँ भी दी है।
Paro Pinaki Ki Kahani

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा कि आज दिल्ली में फ़िल्म “पारो पिनाकी की कहानी” देखने का मौक़ा मिला, जो ख़त्म होने के बाद भी, दिल और दिमाग़ में में देर तक ठहर जाती है। फिल्म में इशिता सिंह और संजय बिश्नोई ने अपने किरदारों को पूरी सच्चाई के साथ निभाया है। केजरीवाल ने बताया कि यह फ़िल्म सिर्फ़ प्रेम पर बात नहीं करती, बल्कि व्यवस्था की ऐसी कमी को दिखाती है जो सबको सपने देखने की इजाज़त ही नहीं देता। इस फ़िल्म की कहानी ने मैन्युअल स्केवेंजिंग और बेटियों के बेचे जाने जैसे सवाल पूरी संवेदनशीलता के साथ उठाए हैं। फ़िल्म की पूरी टीम को दिल से बधाई और शुभकामनाएँ।
आज दिल्ली में फ़िल्म “पारो पिनाकी की कहानी” देखने का मौक़ा मिला, जो ख़त्म होने के बाद भी, दिल और दिमाग़ में में देर तक ठहर जाती है। इशिता सिंह और संजय बिश्नोई ने अपने किरदारों को पूरी सच्चाई के साथ जिया है।
यह फ़िल्म सिर्फ़ प्रेम पर बात नहीं करती, बल्कि व्यवस्था की ऐसी कमी को…
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) December 15, 2025
Paro Pinaki Movie
पारो पिनाकी की कहानी में इशिता सिंह और संजय बिश्नोई मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का निर्देशन रुद्र जादोन ने किया है। यह फिल्म एक छोटे शहर के मैनहोल क्लीनर पिनाकी की कहानी बताती है, जिसका मरियम नाम की एक सब्जी विक्रेता से एक असामान्य लेकिन कोमल रिश्ता है, जिससे वह शहर की अपनी दैनिक यात्रा के दौरान मिलता है। एक सुबह जब मरियम अचानक गायब हो जाती है, तो पिनाकी चिंतित हो जाता है और जवाबों की तलाश में जुट जाता है, जिससे वह एक भावनात्मक यात्रा पर निकल पड़ता है जो उसके साहस, आशा और प्रेम की परीक्षा लेती है।
Arvind Kejriwal News

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने फिल्म के प्रमुख विषयों पर प्रकाश डाला, जिनमें हाथ से मैला ढोना और महिलाओं से जबरन वसूली शामिल हैं। केजरीवाल ने बताया कि फिल्म पारो पिनाकी की कहानी देखी और यह फिल्म बहुत अच्छी थी। फिल्म के निर्देशक और कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि यह फिल्म दो महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाती है। आज भी, 21वीं सदी में, कुछ लोगों को सफाई के लिए सीवर में भेजा जाता है, और उनमें से कई की मौत हो जाती है। साथ ही यह फिल्म लड़कियों की खरीद-फरोख्त के मुद्दे को भी उठाती है।





















