तेजी से बढ़ रहा लोगों में Young दिखने का बुखार, लोग अपना रहे ये अजीबो-गरीब उपाय!

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आज के समय में जवान (young) दिखने की चाह हर किसी को होती है. खासतौर पर उन प्रोफेशनल क्षेत्रों में जहां आपकी पहचान आपके लुक से होती है, वहां यह ट्रेंड और भी ज्यादा हावी हो गया है. बाजार ने इस मांग को भांपते हुए एंटी एजिंग से जुड़े कई प्रोडक्ट्स और ट्रीटमेंट लोगों के लिए उपलब्ध करवा दिए हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला की हार्ट अटैक से मौत हुई है. जांच में पता चला कि वह एंटी एजिंग दवाओं और सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल कर रही थीं. वह ग्लोइंग स्किन और यंग लुक के लिए मल्टीविटामिन, कोलेजन सप्लीमेंट और ग्लूटाथियोन इंजेक्शन ले रही थीं, जो शरीर से मेलानिन घटाकर त्वचा को निखारता है. हालांकि उनकी मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह मामला एंटी एजिंग के खतरों को लेकर सवाल जरूर खड़े करता है.

क्या होते हैं एंटी एजिंग ट्रीटमेंट?

एंटी एजिंग के लिए कई तरह के उपाय उपलब्ध हैं जैसे कि:

1. बोटॉक्स और फिलर्स

त्वचा की झुर्रियां कम करने, उसे टाइट और चमकदार बनाने के लिए बोटॉक्स और फिलर्स का उपयोग किया जाता है. यह ट्रीटमेंट कई स्किन क्लीनिकों में आसानी से कराया जा सकता है.

2. दवाइयां और सप्लीमेंट्स

बाजार में कई प्रकार की एंटी एजिंग गोलियां और सप्लीमेंट्स मिलती हैं, जिनमें कोलेजन, मल्टीविटामिन और एन्टीऑक्सीडेंट शामिल होते हैं.

3. रीजेनरेटिव और सेनोलिटिक मेडिसिन

ये दवाएं कोशिकाओं की मरम्मत करती हैं और खराब हो चुकी कोशिकाओं को हटाकर शरीर को स्वस्थ बनाए रखती हैं. एंटी एजिंग के लिए कई प्रकार की सर्जरी भी की जाती हैं जैसे फेसलिफ्ट, नेकलिफ्ट, फैट ग्राफ्टिंग, राइनोप्लास्टी और अन्य फेशियल सर्जरी. इनका उद्देश्य चेहरा और शरीर को जवां दिखाना होता है.

भारत में एंटी एजिंग इंडस्ट्री का आकार

भारत में एंटी एजिंग ट्रीटमेंट का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. मार्केट रिसर्च के मुताबिक 2023 में इसका आकार करीब 343.6 मिलियन डॉलर था, जो 2035 तक बढ़कर 964 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है. भारतीय करेंसी में देखें तो यह करीब 80 अरब रुपये से ज्यादा का बिजनेस है.

ट्रेंड बढ़ने के पीछे की वजह

कोरोना के बाद लोग अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सजग हो गए हैं. सोशल मीडिया पर यंग और फिट दिखने का दबाव भी इस ट्रेंड को बढ़ावा दे रहा है. खासकर 30 की उम्र पार कर चुकी पीढ़ी इन ट्रीटमेंट्स में ज्यादा रुचि ले रही है.

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