Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एसएसपी विजय अग्रवाल ने सख्त कदम उठाया है। नंदिनी नगर थाना प्रभारी भानु प्रताप साहू को उनके काम में लापरवाही के चलते तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हलचल मच गई है और अधिकारियों के बीच जवाबदेही को लेकर गंभीरता बढ़ गई है।
Chhattisgarh News: अवैध गतिविधियों पर नहीं हुई कार्रवाई
मिली जानकारी के अनुसार, नंदिनी नगर क्षेत्र में लंबे समय से जुआ, सट्टा और अवैध शराब जैसी गतिविधियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। स्थानीय लोगों ने कई बार इन मामलों की जानकारी दी, लेकिन थाना स्तर पर अपेक्षित सख्ती नहीं दिखाई गई। यही कारण रहा कि ये गतिविधियां लगातार जारी रहीं और कानून-व्यवस्था पर असर पड़ा।
जांच में सामने आई लापरवाही
जब इस मामले की जांच की गई, तो यह पाया गया कि पहले भी आबकारी अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट और जुआ अधिनियम के तहत कई केस दर्ज किए गए थे। इसके बावजूद क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो सका। इससे साफ हुआ कि संबंधित थाना प्रभारी और उनकी टीम ने जिम्मेदारी के साथ काम नहीं किया।
जीरो टॉलरेंस नीति लागू
एसएसपी विजय अग्रवाल ने साफ निर्देश दिए हैं कि जिले में किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत काम किया जाएगा और यदि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश के बाद सभी थानों को सतर्क रहने और सक्रियता बढ़ाने को कहा गया है।
पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल
इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर तबादले भी किए गए हैं। एक डीएसपी, एक इंस्पेक्टर, चार सब-इंस्पेक्टर और एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सभी को तुरंत नई जगह पर ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत किया जा सके।
सख्त संदेश देने की कोशिश
एसएसपी के इस फैसले से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि अब दुर्ग जिले में कानून-व्यवस्था के मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि आम जनता को सुरक्षित माहौल मिले और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इस तरह की सख्त कार्रवाई से आम लोगों में भी विश्वास बढ़ा है कि प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है। उम्मीद की जा रही है कि आगे भी इसी तरह के कदम उठाकर जिले में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखा जाएगा।
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