National Weather : उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत में मई के महीने में गर्मी से नहीं मिलेगी राहत : मौसम विभाग - Latest News In Hindi, Breaking News In Hindi, ताजा ख़बरें, Daily News In Hindi

लोकसभा चुनाव 2024

पहला चरण - 19 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

102 सीट

दूसरा चरण - 26 अप्रैल

Days
Hours
Minutes
Seconds

89 सीट

तीसरा चरण - 7 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

94 सीट

चौथा चरण - 13 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

96 सीट

पांचवां चरण - 20 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

49 सीट

छठा चरण - 25 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

सातवां चरण - 1 जून

Days
Hours
Minutes
Seconds

57 सीट

पांचवां चरण - 20 मई

Days
Hours
Minutes
Seconds

49 सीट

National Weather : उत्तर-पश्चिम, मध्य भारत में मई के महीने में गर्मी से नहीं मिलेगी राहत : मौसम विभाग

मौसम विभाग ने शनिवार को कहा कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में 1990 के बाद से अप्रैल महीने में इस साल सर्वाधिक औसत अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। साथ ही, क्षेत्र में मई में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।

मौसम विभाग ने शनिवार को कहा कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में 1990 के बाद से अप्रैल महीने में इस साल सर्वाधिक औसत अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। साथ ही, क्षेत्र में मई में भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी।
मई के लिए तापमान और बारिश से जुड़े पूर्वानुमान जारी करते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों को छोड़कर देश के अधिकतर हिस्सों में मई के महीने में रात में भी गर्मी महसूस होगी।
उन्होंने कहा कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में इस साल अप्रैल पिछले 122 वर्षों में सबसे अधिक गर्म रहा, जहां औसत अधिकतम तापमान क्रमश: 35.9 डिग्री सेल्सियस और 37.78 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा।
इससे पहले उत्तर-पश्चिम भारत में अप्रैल 2010 में औसत अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस, जबकि मध्य भारत में अप्रैल 1973 के दौरान औसत अधिकतम तापमान 37.75 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
महापात्रा ने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश भागों – जम्म कश्मीर, हिमाचल, गुजरात, राजस्थान, पजांब और हरियाणा – को मई में भी सामान्य से अधिक तापमान का सामना करना होगा।
उन्होंने कहा कि अप्रैल के दौरान देशभर में औसत तापमान 35.05 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो 122 वर्षों में चौथी बार सबसे अधिक रहा है।
उन्होंने कहा कि देश में इस साल मई के दौरान औसत बारिश सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। साथ ही कहा कि मई में उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
महापात्रा ने पश्चिमी राजस्थान के कुछ भागों में तापमान 50 डिग्री के पार चले जाने की संभावना को खारिज नहीं किया।
इस बार गर्मी के मौसम में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से जुड़े सवाल पर महापात्रा ने कहा, ”मैं इस तरह का पूर्वानुमान नहीं जता सकता। हालांकि, यह जलवायु के अनुसार संभव है क्योंकि मई सबसे गर्म महीना है।”
उत्तर प्रदेश के बांदा में शनिवार को तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जोकि देश में सर्वाधिक रहा।
आईएमडी के महानिदेशक ने कहा कि ”लगातार कमजोर वर्षा गतिविधि” के कारण मार्च और अप्रैल में उच्च तापमान दर्ज किया गया।
उन्होंने कहा कि उत्तर-पश्चिम भारत में मार्च के दौरान बारिश में करीब 89 फीसदी जबकि अप्रैल में 83 फीसदी गिरावट देखी गई।
उल्लेखनीय है कि देश में लोगों को – खासकर उत्तर-पश्चिम और पश्चिमी भागों में- पिछले कुछ सप्ताह से लू का सामना करना पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

fourteen + 9 =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।