Hardoi SDM Attack: बाढ़ निरीक्षण के दौरान एसडीएम साहब पर हमला, अब तक दर्ज नहीं हुई FIR; मायावती ने भी उठाए सवाल

Hardoi SDM Attack

यूपी के हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के ग्राम परियल में हुए Hardoi SDM attack मामले ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने SDM Sushil Kumar Mishra पहुंचे थे, जहां उनपर जानलेवा हमला हुआ। हमले के कई दिन बाद भी पुलिस ने इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज नहीं की।

अब यह पूरा मामला प्रदेश भर में गरमाया हुआ है। पुलिस प्रशासन पर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि घटना के पीछे बड़े नेताओं का दबाव भी हो सकता है, क्योंकि आरोपित पक्ष का संबंध स्थानीय बीजेपी नेता और जिला पंचायत सदस्य के परिवार से है। पुलिस ने बताया है कि वायरल वीडियो के आधार पर हमलावरों की पहचान और तलाश हमारी तरफ से की जा रही है।

Flood Relief Inspection के दौरान शुरू हुआ विवाद

(CREDIT-SM)

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, SDM Sushil Kumar सोमवार शाम बाढ़ नियंत्रण और राहत कार्यों की तैयारियों का औचक निरीक्षण करने Pariyal village incident के तहत ग्राम परियल गए हुए थे। इस दौरान उन्होंने अन्नपूर्णा राशन दुकान और मनरेगा योजना के तहत बने RRC सेंटर का जायजा लिया। जांच में कई ख़मिया पाई गई। पाया गया कि आरआरसी सेंटर की बाउंड्री वॉल तो मौजूद थी, लेकिन मुख्य गेट नहीं लगाया गया था, जबकि उसके लिए भुगतान पहले ही किया जा चुका था। इस अनियमितता पर आपत्ति जताते हुए, SDM ने जिम्मेदार लोगों से स्पष्टीकरण मांगा।

भीड़ बुलाने का आरोप

जांच में पता चला कि निर्माण कार्य ज़िला पंचायत सदस्य लालाराम राजपूत के परिवार से जुड़ा था। उनकी पत्नी गाँव की प्रधान हैं और उनके बेटे उदयवीर ने निर्माण कार्य की देखरेख की थी। आरोप है कि जब SDM ने उनसे पूछताछ की, तो उदयवीर ने बदतमीज़ी से व्यवहार किया और फिर फ़ोन करके ग्रामीणों को मौके पर बुला लिया। इसके कुछ ही देर बाद, लोगों की एक बड़ी भीड़ वहां पहुंची और बाँस की लाठियों और पत्थरों से SDM की टीम पर हमला कर दिया। हमले में एक पत्थर SDM Sushil Kumar Mishra के सिर पर लगा, जिससे वे घायल हो गए। इसके बावजूद मामला दर्ज नहीं होने का मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।

मायावती ने उठाए कानून-व्यवस्था पर सवाल

(CREDIT-SM)

बता दें कि इस मामले Hardoi SDM attack में बसपा प्रमुख Mayawati की भी एंट्री हुई है। उन्होंने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सरकारी कर्तव्य निभाने गए एक अधिकारी पर इस तरह का हमला राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। मायावती ने कहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और मामले में तत्काल मामला न दर्ज की स्थिति को समाप्त करने की मांग की है।

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