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By Pratibha
Feb ,10, 2024
भारत में जन्म के बाद से ही सरकार राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत निशुल्क टीके लगवाती है ताकि बच्चे का गंभीर संक्रामक रोगों से बचाव हो सके।
हालांकि इसके बावजूद कुछ ऐसी गंभीर बीमारियां हैं, जिनकी वैक्सीन भारत में मौजूद हैं और आपके बच्चे को इसकी जरूरत भी है लेकिन वे राष्ट्रीय टीकाकरण में शामिल नहीं हैं और फ्री नहीं लगते तो ज्यादातर लोग उन्हें अपने बच्चों को नहीं लगवाते हैं
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो इन टीकों को भले ही सरकार नहीं लगवा रही लेकिन इन्हें आप निजी रूप से अपने बच्चों के लगवा सकते हैं और उन्हें स्वस्थ रख सकते हैं।
1. इन्फ्लूएंजा फ्लू की वैक्सीन (Influenza Vaccine) जब भी मौसम बदलता है, बच्चों को सर्दी, खांसी, बुखार और जुकाम हो जाता है। ऐसे में मौसमी वायरल संक्रमण से बचने के लिए 5 साल तक के बच्चों को इन्फ्लूएंजा फ्लू की वैक्सीन लगवाई जा सकती है।
2. टायफॉइड का टीका (Typhoid Vaccine) टाइफॉइड सिर्फ छोटे बच्चों को ही नहीं बल्कि बड़ों को भी होता है। कुछ लोग टॉइफाइड की वैक्सीन को लगवाने में पैसे खर्च होंगे इसलिए नहीं लगवाते हैं। जबकि इसे लगवाना चाहिए। अच्छी बात है कि यह टीका 2 साल की उम्र के बाद कभी भी लगवाया जा सकता है।
3. रेबीज पब्लिक हेल्थ में रेबीज का टीका काफी मायने रखता है। कुत्ता, बंदर या बिल्ली के काटने से फैलने वाला रोग रेबीज काफी खतरनाक होता है।
4. हेपेटाइटिस ए का टीका (Hepatitis A Vaccine) इस वैक्सीन को 1 साल की उम्र के बाद कभी भी लगवाया जा सकता है। हेपेटाइटिस ए से होने वाले 70 फीसदी मामलों में लिवर का गंभीर रोग पीलिया होता है।
5. ह्यूमन पैपिलोमा वायरस की वैक्सीन (HPV Vaccine) एक्सपर्ट की मानें यह दोनों के लिए ही जरूरी है। इसे लड़के और लड़कियों दोनों को ही शारीरिक संपर्क में आने से पहले दे दिया जाए तो यह बहुत ज्यादा कारगर है।