By: Nisha Pathak
Jan 29, 2024
छात्रों को खुद पर ज्यादा दबाव बनाने से बेहतर है की वो धीरे-धीरे आगे बढे़, जितना आज किया अगले दिन उससे थोड़ा आगे बढ़कर करें
माता-पिता बच्चों पर दबाव न बनाए और दोस्तों से तुलना न करे
बेवजह ज्यादा सोच-सोच कर खुद पर दबाव न बनाए और बिना किसी कारण किसी चीज को संकट नहीं न माने
समस्याओं को पूरे परिवार, शिक्षकों व छात्र सबको मिलकर हल करना होगा, आपसी चर्चा से परेसानियों को दूर करे
जीवन में प्रतिस्पर्धा का होना जरुरी है, लेकिन स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए
दोस्त के 90 अंक आने पर मायूस न हो, क्योंकि आपके लिए भी 100 अंक है। आपको सकारात्मक के साथ सोचना है कि मैं भी 100 में से कितने अंक ला सकता हूं
प्रतिभावान दोस्त प्रेरणा का स्रोत होते हैं, कभी भी खराब भाव अपने मन में नहीं आने देना चाहिए
शिक्षक सिलेबस से आगे निकल कर, छात्रों से नाता जोड़ेंगे तो परीक्षा के दौरान तनाव की स्थिति उत्पन्न ही नहीं होगी
शिक्षक का काम सिर्फ नौकरी करना नहीं है, बल्कि शिक्षक का कार्य जिंदगियों को सवांरना है