Samiksha Somvanshi
उन पर ये आरोप लगा है की वो सौर ऊर्जा से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को 2110 करोड़ की रिश्वत दी गई है।
इसके बाद अडानी ग्रुप के तरफ से एक बयान जारी किया गया है, जिसमें कंपनी ने एक बड़ा फैसला लिया है।
ग्रुप की सहायक कंपनियों ने फिलहाल प्रस्तावित USD नामित बॉन्ड पेशकशों के साथ आगे नहीं बढ़ने का फैसला लिया है।
याद कीजिए जब हिंडनबर्ग ने 24 जनवरी 2023 को आरोप लगाया था तब अडानी एंटरप्राइजेज का शेयर एक महीने के अंदर 60% नीचे यानी 1300 पर चला गया था।
हालांकि तब कंपनी के ऊपर शेयर की कीमत में हेराफेरी और शॉर्ट सेलिंग का आरोप लगा था, जिसने सीधे कंपनी के तेज़ी से बढ़ते स्टॉक को हिट किया।
लेकिन इस मामले में अडानी ग्रुप पर सिर्फ अभी आरोप लगा है किसी चीज़ की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए हिंडनबर्ग जैसी गिरावट की उम्मीद मार्किट में नहीं की जा रही।
हालांकि थोड़ा नुकसान तो कंपनी को होगा ही, क्योंकि बाजार में बिकवाली चल रही है।