Rahul Kumar
इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि शराब पॉलिसी बदलने से सरकारी खजाने को 2,002.68 करोड़ रुपए का घाटा उठाना पड़ा
शराब पॉलिसी को लेकर CAG की यह ऑडिट रिपोर्ट 2017-2018 से 2020-2021 तक की अवधि की है
इस रिपोर्ट में 2021-22 की आबकारी नीति की समीक्षा भी की गई है
CAG रिपोर्ट में बताया गया है कि शराब नीति में कई अनियमितताएं और लापरवाह फैसले लिए गए
941.53 करोड़ का नुकसान कई जगहों पर खुदरा शराब की दुकानें नहीं खुलीं
890 करोड़ का घाटा सरेंडर किए गए लाइसेंसों को दोबारा नीलाम करने में सरकार नाकाम रही
144 करोड़ की छूट कोविड-19 का बहाना बनाकर शराब कारोबारियों को दी गई
27 करोड़ का नुकसान – शराब कारोबारियों से उचित सुरक्षा जमा राशि नहीं ली गई