Samiksha Somvanshi
द लेंसेट जर्नल में प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक, 2022 तक 82.8 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं और आपको बता दें की इनमें से एक चौथाई से ज्यादा मरीज भारत से हैं।
WHO के एनसीडी-आरआईएससी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, 1990 से 2022 तक डाबिटीज मरीजों की संख्या में चार गुना बढ़त हुई है। जो लगभग 82.8 करोड़ तक पहुंच गई है।
डायबिटीज, जिसे आम बोलचाल में सुगर भी कहते हैं, 2022 तक भारत में इससे कुल 12.5 प्रतिशत यानि 30 लाख लोग डायबिटिक रेटिनोपैथी से ग्रसित है। यही नहीं बल्कि इससे मरीजों के आंखों की रोशनी जाने का खतरा बढ़ जाता है।
भारत में शुगर के कुल 21.2 करोड़ मरीज हैं, जो कि पूरी दुनिया का एक चौथाई है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में कम उम्र के मरीजों में भी डाबिटीज के मामले देखे गए हैं, जो कि अब तेजी से बढ़ रहे हैं।
हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है और 2024 में विश्व मधुमेह दिवस की थीम 'बाधाओं को तोड़ना, अंतरालों को पाटना', थी।
भारत को स्वाथ्य के क्षेत्र में और आगे बढ़ाने के लिए डायबिटीज को रोकने के लिए कड़े कदम उठाना ज़रूरी है।