बड़े बड़ाई ना करैं, बड़ो न बोलैं बोल। रहिमन हीरा कब कहै, लाख टका मेरो मोल॥

Rahul Kumar

वो अपनी बड़ाई कभी नहीं करते।

जैसे हीरा कितना भी अमूल्य क्यों न हो

कभी अपने मुँह से अपनी बड़ाई नहीं करता।रहिमन

रहिमन देखि बड़ेन को, लघु न दीजिये डारि।
जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तलवारि॥

रहीम कहते हैं कि बड़ी या मँहगी वस्तु हाथ लगने पर छोटी या सस्ती वस्तु का मूल्य कम नहीं हो जाता।

हर वस्तु का अपना महत्त्व होता है।

जहाँ सूई काम आती है, वहाँ सूई से ही काम सधेगा; तलवार से नहीं।