By Bhawana Rawat

 Oct 24, 2025

'रहनुमाओं की अदाओं पे फ़िदा है दुनिया...' दुष्यंत कुमार के खूबसूरत शेर

shayari

Source: Social Media

वो आदमी नहीं है मुकम्मल बयान है  माथे पे उस के चोट का गहरा निशान है 

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रहनुमाओं की अदाओं पे फ़िदा है दुनिया इस बहकती हुई दुनिया को संभालो यारों 

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सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए

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पूरा घर अंधियारा , गुमसुम साए हैं कमरे के कोने पास खिसक आए हैं

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मेले में भटके होते तो कोई घर पंहुचा  जाता हम घर में भटके हैं कैसे ठौर-ठिकाने आएंगे 

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मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में  सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए 

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कैसे आकाश में सूराख़ नहीं हो  सकता एक पत्थर तो तबीअ'त से उछालो  यारो