Social
By- Khushboo Sharma
March 22, 2024
सनातन धर्म में हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। आज की स्टोरी में आपको बताते है कि होलिका अग्नि की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए?
होलिका दहन शुभ मुहूर्त होली से एक दिन पहले होलिका दहन किया जाता है। इस बार 24 मार्च को रात 11 बजकर 14 मिनट से 12 बजकर 20 मिनट तक होलिका दहन का मुहूर्त है
होलिका की परिक्रमा करना होलिका के दिन ही भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रह्लाद की जान बचाई थी। होलिका की अग्नि की परिक्रमा करना शुभ माना जाता है
होलिका की 7 परिक्रमा लगाने के फायदे अगर आपके रुके हुए काम नहीं हो रहे है तो होलिका अग्नि की 07 बार परिक्रमा करें, इससे आपके बिगड़े काम बनने लगते हैं
अग्नि की 11 बार परिक्रमा करना होलिका अग्नि की 11 बार परिक्रमा लगाने से नौकरी और व्यवसाय में लाभ होता है। इसके अलावा जीवन में आने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलता है
होलिका अग्नि की 9 परिक्रमा करना होलिका दहन के दौरान अग्नि की 09 बार परिक्रमा लगानी चाहिए। ऐसा करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है ओर सोभाग्य की प्राप्ति होती है
कलेश को दूर करना घर की सुख-समृद्धि को बनाए रखने के लिए होलिका की 25 बार परिक्रमा करनी चाहिए। इससे गृह कलेश से भी छुटकारा मिलता है
जीवन में तरक्की अगर आप जीवन में तरक्की चाहते हैं तो 21 बार होलिका अग्नि की परिक्रमा करें। इससे सौभाग्य की प्राप्ति होती है और जीवन में खुशहाली आती है