Samiksha Somvanshi
आटा, तेल, ब्रेड जैसी चीजों के दाम बढ़ने से आम आदमी को ये सब चीज़ें खरीदने से पहले बहुत सोचना पड़ रहा है।
आटे की कीमतें बढ़ने का कारण गेहूं की कमी हो रही है और इस साल सरकार ओपन मार्केट स्कीम में गेहूं नहीं दे रही है, जिससे इसकी सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा हो गई है।
पिछले दो महीने में रिफाइंड तेल की कीमत 15 रूपए प्रति लीटर बढ़ा दी गई है। लोगों को अब अपने खाने की खपत में कटौती करनी पड़ रही है।
यहां तक की ब्रेड भी 5 रुपए मेहेंगा हो गया है, घर न कोई न कोई सदस्य रोज़ ब्रेड खाता ही है और इसके दाम बढ़ने से लोगों को बहुत दिक्कत हो रही है।
अरहर दाल की कीमत 200 रुपए किलो हो गई है। हालांकि चने की दाल और बासमती चावल में 10 रुपए प्रति किलो की गिरावट से थोड़ी राहत मिली है।
मटर 100 से 120 रुपए प्रति किलो और पालक 70 रुपए किलो बिक रही है। ठण्ड में इतने महंगी सब्जियों मिलेंगी तो आम इंसान खाएगा क्या।
चायपत्ती के 1 किलो के पैकेट पर 50 रुपए तक की बढ़ोतरी हो गई है। सुबह की चाय पीने के लिए भी लोग हज़ार बार सोच रहे है।
इसके अलावा आटा और अन्य चीजों के दाम और बढ़ने की संभावना है। कारोबारी सरकार से गेहूं की सप्लाई बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, ताकि महंगाई पर काबू पाया जा सके।