Neha Singh
वे यमुना के पास एक टीले पर रहते थे, इसलिए इस जगह का नाम मजनू का टीला पड़ा।दिल्ली में मजनू का टीला यहां के लोगों की पसंदीदा जगह है।
दिल्ली आने वाले लोग यहां खास तौर पर जाना पसंद करते हैं। यहां विदेशों से भी पर्यटक आते हैं।
मजनू का टीला अपने तिब्बती रेस्टोरेंट, छत पर बने रेस्टोरेंट, मठ और कपड़ों की दुकानों के लिए मशहूर है।
बड़ा सवाल यह है कि इस जगह का नाम मजनू का टीला कैसे पड़ा?
कहा जाता है कि लैला-मजनू के कारण इसका यह नाम पड़ा, लेकिन इतिहासकार कुछ और ही कहानी बताते हैं।
कहा जाता है कि गुरु नानक जी सिकंदर लोदी के शासनकाल में आए थे और एक सूफी संत से मिले थे जो ईरान से थे।
सूफी संत होने के कारण लोग उन्हें मजनू कहने लगे।
वे यमुना के पास एक टीले पर रहते थे, इसलिए इस जगह का नाम मजनू का टीला पड़ा।
यह जगह अपनी रंग-बिरंगी गलियों और कैफे के लिए जानी जाती है।