By Bhawana Rawat

Oct 28, 2025

'ये नाज़ुक सी मिरे अंदर की लड़की...' इशरत आफ़रीं के बेहतरीन शेर 

shayari

Source: Social Media

लड़कियां माओं जैसे मुक़द्दर क्यूं रखती हैं तन सहरा और आंख समुंदर क्यूं रखती हैं

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शाम को तेरा हंस कर मिलना दिन भर की उजरत होती है

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अकेले घर में भरी दोपहर का सन्नाटा वही सुकून वही उम्र भर का सन्नाटा

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तेरा नाम लिखती हैं उंगलियां ख़लाओं में ये भी इक दुआ होगी वस्ल की दुआओं में

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ये नाज़ुक सी मिरे अंदर की लड़की  अजब जज़्बे अजब तेवर की लड़की 

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दूसरों की तस्वीर बनाना कितना आसान है, खुद को आईने के पीछे रखना कितना मुश्किल है 

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ये बने-बनाए रास्ते लोगों से भरे हैं मैंने अपने हिस्से का रास्ता बनाया है