Jammu Kashmir Terror Attacks: साल 2000 से अब तक जम्मू-कश्मीर के बड़े आतंकी हमले

Khushi Srivastava

21 मार्च, 2000
रात के अंधेरे में आतंकवादियों ने अनंतनाग जिले के छत्तीसिंहपोरा गांव में अल्पसंख्यक सिख समुदाय को निशाना बनाया। हमले में 36 लोग मारे गए

अगस्त, 2000
आतंकियों ने नुनवान बेस कैंप पर हमला किया, जिसमें दो दर्जन अमरनाथ तीर्थयात्रियों सहित 32 लोग मारे गए

जुलाई, 2001
अनंतनाग के शेषनाग बेस कैंप में हमला हुआ, जिसमें 13 अमरनाथ यात्रियों की मौत हो गई

1 अक्टूबर, 2001
श्रीनगर के जम्मू एवं कश्मीर राज्य विधानमंडल परिसर पर आत्मघाती आतंकवादी हमला हुआ। इस हमले में 36 लोग मारे गए

2002
चंदनवाड़ी बेस कैंप पर आतंकवादी हमला हुआ। 11 अमरनाथ यात्री हमले के शिकार हुए

23 नवंबर, 2002
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर दक्षिण कश्मीर के लोअर मुंडा में एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) विस्फोट कराया गया जिसमें नौ सुरक्षा बल कर्मियों, तीन महिलाओं और दो बच्चों सहित 19 लोगों की मौत हुई

23 मार्च, 2003
पुलवामा जिले के नंदीमार्ग गांव में आतंकियों ने 11 महिलाओं और दो बच्चों सहित 24 कश्मीरी पंडितों की बेरहमी से हत्या कर दी

13 जून, 2005
पुलवामा में एक सरकारी स्कूल के सामने एक कार में विस्फोट होने से दो स्कूली बच्चों समेत 13 नागरिक और तीन सीआरपीएफ अधिकारियों की जान गई और 100 से अधिक लोग घायल हो गए

12 जून, 2006
कुलगाम में नौ नेपाली और बिहारी मजदूरों की हत्या कर दी गई

10 जुलाई 2017
कुलगाम में अमरनाथ यात्रियों से भरी बस पर हमला हुआ, जिसमें 8 की मौत हुई