By Khushi Srivastava
Sept 08, 2025
जेब में गांधी हो या न हों लेकिन दिल में एक आंधी जरूर होनी चाहिए कि जो बोले हैं, जो ठाने हैं वो किसी भी हाल में कर लें।
अक्ल बादाम खने से नहीं ठोकर खाने से आती है।
पहचान से मिला काम बहुत देर तक नहीं रहता, लेकिन काम से मिली हुई पहचान आजीवन बनी रहती है।
छत को बहुत गुरूर था छत होने का, एक मंजिल और बन गया अब छत फर्श बन गया।
जो पानी से नहाएगा वो लिबाज बदलेगा, जो पसीने से नहाएगा वो इतिहास बदलेगा।
आपको अगर दिल लगाना ही है तो किताबों से लगाओ, बेवफा भी निकलेगी तो मुकद्दर बना कर जाएगी।