Samiksha Somvanshi
अंदाज़न भारत सरकार के इसमें 1,435 करोड़ रुपए खर्च होंगे। .
इससे आम लोग पैन को अपनी डिजिटल पहचान बना सकेंगे। आप पैन को हर जगह अपने प्रमाणपत्र के रूप में इस्तेमाल कर पाएंगे और टैक्सपेयर्स को इससे बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
पैन 2.0 से टैक्सपेयर्स का रेजिस्ट्रेशन प्रोसेस आसान हो जाएगा। नई तकनीक से टैक्स से जुड़ी सेवाएं तेज होंगी और लोग आसानी से सरकारी सुविधाओं का फायदा उठा सकेंग। .
अब तक 78 करोड़ पैन कार्ड जारी हो चुके है। इनमें से 98% पर्सनल पैन कार्ड हैं और पैन का नया सिस्टम इन्हें और सुविधाजनक बनाएगा।
सरकार ने 2,750 करोड़ रुपए खर्च कर इस मिशन को 2028 तक पूरा करने का ठाना है। इसका मकसद इनोवेशन को बढ़ावा देना और देश में नए आइडियाज लाना है।
मिशन के दूसरे चरण में नई योजनाएं जोड़ी गई हैं। सरकार, उद्योग और शिक्षा के सहयोग से इनोवेशन को ताकत देकर देश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
अटल टिंकरिंग लैब ने देश में इनोवेशन बढ़ाने में मदद की है। अब इसे और मजबूत किया जाएगा ताकि ज्यादा लोगों को इन सुविधाओं का फायदा मिल सके।