By Ritika
May 04, 2024
हेमकुंड साहिब सिखों का पवित्र स्थान है, इसे उत्तराखंड का पांचवा धाम भी माना जाता है, अब हेमकुंड साहिब के आस्था पथ से बर्फ हटाने का काम शुरु हो गया है
ऐसे में अगर आप हेमकुंड साहिब दर्शन का प्लान बना रहे हैं तो 25 मई 2024 से इसके द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, आइए हमेकुंड साहिब के बारे में कुछ बड़ी बातें जानते हैं
हेमकुंड साहिब सिखों के 10वें गुरु श्री गोबिंद सिहं जी की तपस्थली रही है
बर्फ के कुंड बनने के कारण इस जगह को हेमकुंड कहा जाता है
सर्दियों के समय यह गुरुद्वारा पूरी तरह से बर्फ से ढक जाता है, बता दें कि यहां साल में 7-8 महीने बर्फ जमी रहती है
हेमकुंड साहिब में गुरुद्वारे से कुछ दूरी पर लक्ष्मण जी का मंदिर भी है
वहीं, हेमकुंड साहिब समुद्र तल से 4329 मीटर की ऊंचाई पर है
हेमकुंड संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ बर्फ का कुंड होता है, इसी कुंड के किनारे सिखों का प्रसिद्ध गुरुद्वारा है