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By Pratibha
Jan ,28, 2024
आम भक्त भी पहुंच रहे हैं राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद अब रामलला के दर्शन करने आम भक्त भी जा सकते हैं।
भगवान का बाल रूप मंदिर में रामलला को 5 साल के बालक के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है।
मंदिर के पुजारी अरुण दीक्षित ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा है, 'रामलला को अब बालकराम नाम से जाना जाएगा क्योंकि वह 5 साल के बच्चे के रूप प्रतिष्ठित हैं।'
मूर्ति के आभूषणों को लखनऊ के अंकुर आनंद के हरसहायमल श्यामलाल ज्वैलर्स ने तैयार किया है और वस्त्रों को दिल्ली के डिजाइनर मनीष त्रिपाठी ने तैयार किया है।
आम भक्तों को दर्शन देने के बाद बालकराम की दिनभर की दिनचर्चा निर्धारित की गई है जिसमें उनके उठने से लेकर सोने तक का समय है।
बालकराम की रोजाना सुबह 6 बजे मंगला आरती होगी। यह दिन की पहली आरती होती है। मंगला आरती से सोए हुए भगवान को निद्रा से जगाया जाता है।
सुबह 7 बजे बालकराम की श्रृंगार आरती होगी जिसमें बाल भोग लगाया जाएगा। दोपहर 12 बजे राजभोग और मध्याह्न आरती होगी इसमें भगवान को भोग लगाया जाता है।