By Ritika
May 01, 2024
दुनियाभर में 1 मई को मजदूर दिवस मनाया जाता है, भारत में इसे श्रमिक दिवस, लेबर डे, मजदूर दिवस, कामगार दिन, मई दिवस व इंटरनेशनल वर्कर डे के नाम से भी जाना जाता है
मजदूर दिवस का मुख्य उद्देश्य मजदूरों की उपलब्धियां का सम्मान करना और उनके द्वारा किए गये योगदान को समर्पित और सलाम करने का दिन है
ये दिन मजदूरों को संगठित कर आपसी एकता मजबूत करने के लिए और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करने के लिए भी मनाया जाता है
बता दें, मजदूर दिवस को मनाने की योजना 137 साल से चली आ रही है, इसकी जड़े 1886 में अमेरिका में हुए श्रमिक आंदोलन से जुड़ी है
दरअसल, पहले मजदूरों को 15-15 घंटे काम करना होता था, इसी कारण लेबर्स ने तय किया कि वह 1 मई 1816 के बाद 8 घंटे से ज्यादा काम नहीं करेंगे
इसके बाद 1889 में जब पेरिस में इंटरनेशनल सोशलिस्ट कॉन्फ्रेंस हुई तो 1 मई को मजदूरों को समर्पित करने का फैसला किया वहीं भारत में इस दिन की शुरुआत 1 मई 1923 से हुई