Prachi Kumawat
"नक्शे की दुनिया सभी ने देखी है
पर असल दुनिया ने उसे ही देखा है
जो पैदल घर से निकला है"
"जिंदगी वही है जिसमें
उठना-गिरना और घूमना फिरना लगा रहता है
इतना सबक किताबें नहीं सीखा पाती
जितना एक यात्रा सीखा देती है दोस्त !
चल घूमने चलते हैं"
"यार यात्रा करने के लिए
धन की आवश्यकता नहीं,
बल्कि मन की आवश्यकता होती है !
चल घूमने चलते हैं"
"किताबें आपको जीवनी पढ़ना सिखाती है,
परन्तु यात्रा आपको जीवन कैसे जीना है यह सिखाती है"
"चल दुनिया की खूबसूरत नजारों को
आंखों में कैद कर लेते हैं इससे
पहले की ज़िम्मेदारियां हमें कैद कर लें"
"दुनिया किस तरह बदल रही है
अगर जानना चाहते हैं
तो यात्रा जरूर करना चाहिए दोस्त"
"माना की जिंदगी में गम बहुत है,
कभी सफर पर निकलो
और देखो खुशियां बहुत है दोस्त"
"जो दुनिया नहीं घूमें, तो क्या घूमा
जो दुनिया नहीं देखी, तो क्या देखा !
अब तो चल घूमकर आते हैं"
"रास्ते कहां खत्म होते हैं जिंदगी के सफर में,
मंजिल भी वहीं है जहां ख्वाहिशें थम जाएं !
चल घूमने चलते हैं"