पढ़िए मशहूर शायर
Munawwar Rana
के शेर
By Ritika
jan 15, 2024
Viral
अभी जिंदा है माँ मेरी मुझे कुछ भी नहीं होगा, मैं जब घर से निकलता हूँ दुआ भी साथ चलती है
जिंदगी तू कब तलक-दर फिराएगी हमें, टूटा फूटा ही सही घर बार होना चाहिए
आपको चेहरे से भी बीमार होना चाहिए, इश्क है तो इश्क का इजहार होना चाहिए
कभी ख़ुशी से ख़ुशी की तरफ़ नहीं देखा, तुम्हारे बाद किसी की तरफ़ नहीं देखा
मेरी ख्वाहिश है कि मैं फिर से फरिश्ता हो जाऊं, मां से इस तरह लिपट जाऊं कि बच्चा हो जाऊं
नये कमरों में अब चीजें पुरानी कौन रखता है, परिंदों के लिए शहरों में पानी कौन रखता है
हम कुछ ऐसे तेरे दीदार में खो जाते हैं, जैसे बच्चे भरे बाजार में खो जाते हैं
उस पेड़ से किसी को शिकायत न थी मगर, ये पेड़ सिर्फ़ बीच में आने से कट गया
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आदतें जो बनाती है हमें
सबसे अलग