Lifestyle
By Pratibha
Feb ,15, 2024
पहाड़ों की रानी' के नाम से मशहूर 'मसूरी' उत्तराखंड का सबसे ज्यादा घूमा जाने वाला हिल स्टेशन है
असल में इस जगह को अंग्रेजों ने ही बसाया था कुछ समय बाद यहां पर अंग्रेजों ने भवन बनवाया, 1828 में लंढौर बाजार बना और 1829 में यहां पहली दुकान खुली
1926-31 तक मसूरी तक पक्की सड़क भी पहुंच गई तो इस तरीके से मंसूरी का विकास होना शुरू हुआ
अंग्रेजी शासन के समय इस हिल स्टेशन के मॉल रोड पर बड़े-बड़े शब्दों में लिखा हुआ था- Indians and dogs Not Allowed
इसका विरोध सबसे पहले पंडित मोतीलाल नेहरू ने किया था उन्होंने यह नियम तोड़ा और घूमने के लिए गए
मंसूरी का नाम यहां की एक झाड़ी पर पड़ा है ये झाड़ी यहां पर सबसे ज्यादा मात्रा में उगती है हालांकि, अधिकतर लोग इस जगह को मसूर नाम से भी पुकारते हैं
अगर आप मसूरी घूमने जाएं तो लाल टिब्बे जरूर घूमें, यह टिब्बा 2290 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है यहां से आप मसूरी की वादियों का भरपूर आनंद उठा सकते हैं यहां से हिमालय की रेंज को भी देख सकते हैं
यहां पर ऊंची चोटी पर एक बंदूक हुआ करती थी इस बंदूक से रोज दोपहर 12 बजे फायरिंग हुआ करती थी जिससे लोग अपनी घड़ी का समय मिलान करते थे हालांकि बाद में उस बंदूक को हटा दिया गया