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By Pratibha
Jan ,05, 2024
पहली महिला शिक्षक सावित्रीबाई ज्योतिराव फुले देश की पहली महिला शिक्षक, समाज सेविका थी
कई क्रांतिकारी काम उन्होंने अपने पति ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर कई क्रांतिकारी काम किए है
18 स्कूल खोला उन्होंने लड़कियों के लिए 18 स्कूल खोलें। जिसमें से पहला और 18वां स्कूल पुणे में खोला था
नारी मुक्ति आंदोलन की पहली नेता सावित्री बाई फुले देश की पहली महिला अध्यापक-नारी मुक्ति आंदोलन की पहली नेता थीं
मजदूरों के लिए स्कूल खोला उन्होंने मजदूरों के लिए रात्रि में स्कूल खोला ताकि दिन में काम पर जानें वाले मजदूर रात में पढ़ाई कर सकें
परेशान लोगों के लिए घर का कुआं खोला गांव छुआ-छुत से परेशान लोगों को पानी नहीं मिल पाता था ऐसे में सावित्री बाई फुले ने अपने घर का कुआं खोल दिया था
साहसिक कदम उठाया एक विधवा को आत्महत्या करने से रोका और उसकी डिलीवरी अपने घर पर कराई
अखिरी सांस तक लोगों की मदद 1897 में पुणे में प्लेग नामक बीमारी फैली लेकिन वह लोगों की सेवा करती रही है। ऐसे में सावित्री बाई भी इसकी चपेट में आग गई और 10 मार्च का उनका निधन हो गया
पूरा जीवन समाज सेवा में बिताया सावित्री बाई फुले का पूरा जीवन समाज सेवा में निकला। गलत के खिलाफ आवाज उठाई, समाज की कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई, महिलाओं के हक के लिए लड़ी तो महामारी आने पर लोगों की सेवा करते-करते अंतिम सांस ली