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'एक दो तीन' गाने के पीछे की कहानी है बेहद दिलचस्प, आप भी जानें

By ANJALI DAHIYA

JAN 12, 2024

लक्ष्मीकांत प्यारेलाल की म्यूजिक डायरेक्शन में बनी और लेखक जावेद अख्तर द्वारा लिखी गई गीत एक दो तीन 1988 की सबसे हीट गीत में से एक थी

इस गाने को लिखने से पहले लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने म्यूजिक बनाया और जावेद अख्तर के सामने एक दो तीन गुनगुनाया

जावेद साहाब गाना लिखने के लिए लगातार एक दो तीन गुनगुनाते रहे। गिनती गुनगुनाते हुए उन्होंने पूरा एक से लेकर तेरह तक गुनगुनाया

जैसे तैसे कर गाने का मुखड़ा तैयार हुआ, गाने के मुखड़े के बाद जावेद अख्तर ने एक एक तारीख को महीने का दिन बताते हुए गीत का अंतरा लिखा

 गाना गुनगुनाते हुए पूरे गीत का बोल तैयार हुआ जिसे नब्बे के दशक की मशहूर गायिका अल्का याग्निक के द्वारा गाया गया

साल 1988 में एक दो तीन गाना इतना ज्यादा हिट हुआ था कि इस गाने को लिखने वाले से लेकर गाने वाले सभी को फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया

 बता दें कि अल्का याग्निक को फिल्म फेयर बेस्ट प्लेबैक सिंगर का अवार्ड दिया गया

 इस गाने को कोरियोग्राफ करने वाली कोरियोग्राफर सरोज खान को पहली बार फिल्म फेयर बेस्ट कोरियोग्राफी ऑफ द ईयर का अवार्ड दिया गया

इससे पहले बॉलीवुड में किसी को भी फिल्म फेयर की ओर से बेस्ट कोरियोग्राफ ऑफ द ईयर का अवार्ड से सम्मानित नहीं किया गया था

अल्का याग्निक द्वारा गाए एक दो तीन के सुपर हिट होने के बाद फिल्म के मेकर्स ने इस गाने का मेल वर्जन भी निकाला

मेल वर्जन निकलने के पीछे मेकर्स की स्ट्रेटजी थी कि दर्शकों को बार-बार सिनेमा घरों में वापस लाना

1988 के दशक में केबल टीवी की शुरुआत हुई थी और उसमें भी सिर्फ 1 ही चैनल दूरदर्शन ही बस आता था

 एक दो तीन गाना सुनने के बाद हर किसी के जुबान पर यह गाना चढ़ा हुआ था,  हर कोई यह गाना बार-बार देखना चाह रहा था

ऐसे में मेकर्स ने दर्शकों को बार-बार सिनेमा घरों में बुलाने के लिए इस गाने का मेल वर्जन अमित कुमार से गवाया

बता दें कि इस गाने की शूटिंग फिल्म में शाहरुख खान के मन्नत में हुई है, जिसे तेजाब फिल्म में अनुपम खेर का घर दिखाया गया है