Rahul Kumar
यह मुख्य रूप से ऊपरी श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है, लेकिन गंभीर मामलों में यह निमोनिया और अस्थमा जैसे निचले श्वसन तंत्र की समस्याओं का कारण बन सकता है।
HMPV संक्रमण के सामान्य लक्षणों में खांसी, बुखार, नाक बहना या बंद होना, गले में खराश, घरघराहट, सांस लेने में तकलीफ और शरीर पर चकत्ते शामिल हैं।
HMPV संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता हैं,जैसे खांसने और छींकने से, हाथ मिलाने, गले मिलने या किस करने से, मोबाइल, दरवाजे के हैंडल, कीबोर्ड या खिलौनों जैसी सतहों को छूने से।
साबुन और पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं।
छींकते या खांसते समय अपनी नाक और मुंह को हाथ से नहीं, बल्कि रुमाल से ढकें ।
मेट्रो, ट्रेनों, बसों आदि में यात्रा करते समय मास्क का प्रयोग करे तथा हाथों को नाक मुँह से लगाने से बचें।