Samiksha Somvanshi
जौ के आटे की रोटी को स्वास्थ्य के लिए वरदान माना जाता है क्योंकि इसमें फाइबर सबसे ज्यादा होता है।
इसमें बीटा ग्लूकेन, एंटीऑक्सीडेंट्स समेत कई पोषक तत्व होते हैं, इसलिए नॉर्मल आटे में जौ को मिलाने की सलाह दी जाती है।
सर्दी हो या गर्मी हर मौसम में जौ के आटे की रोटी खानी चाहिए. पर कुछ कंडीशन में इसका सेवन करना भारी पड़ सकता है।
जानें, जयपुर की आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. किरण गुप्ता ने बताया कि किन लोगों को इसे नहीं खाना चाहिए।
डॉ. किरण ने बताया कि पेट खराब, दस्त या उल्टी लगी हो तो सिर्फ जौ के आटे की रोटी को नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इसमें फाइबर अधिक होता है जिसे पचाना आसान नहीं हो पाता।
अगर किसी को हद से ज्यादा एसिडिटी रहती है तो उसे भी जौ के आटे की रोटी को नहीं खाना चाहिए क्यूंकि वो खाने से ये प्रोब्ल्र्म और बढ़ सकती है। इस कंडीशन में एंजाइस सपोर्ट नहीं करते हैं।
डॉ. गुप्ता ने बताया कि किडनी के मरीज इस आटे की रोटी खा सकते हैं लेकिन हमें इसके साथ चना, रागी या ज्वार को मिलाकर ही खाना चाहिए। इस तरह फाइबर बढ़ जाता है और पाचन भी आसान होता है।
आप शरीर को दोगुने फायदे पहुंचाना चाहते हैं तो जौ का पानी पी सकते हैं। इसमें जो के दानों को उबालकर पानी तैयार किया जाता है, इम्यूनिटी बढ़ती है।