Ranjan Kumar
WHO के अनुसार 2018 में इस बीमारी का पता चला था। अफ्रीका में इससे 143 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में 386 मामले मिले हैं। इनमें से 200 मरीज 5 से कम उम्र के बच्चे हैं।
दरअसल, बच्चों को इस बीमारी का अधिक खतरा है। WHO के अनुसार, बीमारी संक्रमित व्यक्ति की सांस से दूसरे व्यक्ति में फैलती है।
इसमें लगातार कुछ दिनों तक बुखार आना और पीठ में दर्द होना। शरीर के त्वचा पर छोटे-छोटे दानें होना भी लक्षण हो सकते हैं।
शरीर के त्वचा पर छोटे-छोटे दानें होना भी लक्षण हो सकते हैं। ये दानें चिकन पॉक्स के दानों से काफी अलग तरह के होते हैं।
डॉक्टरों की टीम का कहना है कि इससे संक्रमित व्यक्ति के चेहरे, बाजुओं, पैरों, अन्य हिस्सों पर रैशेस होते हैं।
कोई व्यक्ति संक्रमित है तो उसे पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इससे बचने के लिए संक्रमित लोगों से न मिलें।
इससे बचने के लिए साबुन-पानी से हाथ धोएं। चेहरे, खासकर आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।