By Ritika
May 11, 2024
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने 01 जून तक अंतरिम जमानत दी है, 02 जून को उन्हें फिर सेरेंडर करना होगा
ऐसे में आइए जानते हैं कि अंतरिम जमानत क्या होती है और ये सामान्य जमानत से कैसे अलग होती है
अंतरिम जमानत एक छोटी अवधि की जमानत होती है, कोर्ट इसे तब देता है जब रेगुलर बेल की एप्लीकेशन पर सुनवाई चल रही होती है, इस पूरी प्रकिया में समय लगता है
कोर्ट तक दस्तावेज पहुंचने की अवधि में उस शख्स को हिरासत में रहना पड़ता है, ऐसे में हिरासत में रहने वाला शख्स अंतरिम बेल की मांग कर सकता है
जिससे वो शख्स उस अवधि तक जब तक कि दस्तावेज कोर्ट तक नहीं पहुंचते कस्टडी में रहने से राहत पा सके,इस तरह से अंतरिम जमानत छोटी अवधि की एक अस्थाई जमानत होती है
अंतरिम जमानत का प्रावधान इसलिए है कि दस्तावेजों में देरी की वजह से किसी शख्स को ज्यादा वक्त तक कस्टडी में न रहना पड़े
बता दें, अंतरिम जमानत के दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल चुनावों के लिए प्रचार कर सकेंगे और वोट डाल सकेंगे