By Khushi Srivastava
August 31, 2025
राधा अष्टमी के दिन व्रत और पूजा का संकल्प लेने से पहले स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करना चाहिए।
राधा अष्टमी के उपवास में ब्रह्मचर्य का पालन करना आवश्यक माना गया है।
इस दिन राधा रानी को केवल ताजा और शुद्ध पदार्थों का ही भोग अर्पित करना चाहिए।
राधा अष्टमी पर विधिपूर्वक राधा जी की पूजा करने के बाद व्रत कथा का पाठ या श्रवण अवश्य करें।
व्रत का पारण उसी प्रसाद को ग्रहण करके करें, जिसे आपने पूजा में राधा रानी को अर्पित किया हो।
व्रत समाप्त करने से पूर्व जरूरतमंदों को दान देना या गौ सेवा करना उत्तम माना जाता है। पारण के उपरांत बुजुर्गों से आशीर्वाद अवश्य लेना चाहिए।