वाशिंगटन, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। वर्ल्ड बैंक ने कहा है कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था में मंदी के दौर के बाद धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है, जिसे घरेलू मांग में सुधार और स्थिर होती स्थितियों से मदद मिलेगी।
वर्ल्ड बैंक के ताजा आकलन के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में ग्रोथ 3.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो आर्थिक गतिविधियों पर पहले की राजनीतिक अशांति और बाहरी दबावों के असर को दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अर्थव्यवस्था 2024 के आखिर में राजनीतिक अस्थिरता से जुड़ी बाधाओं से उबर रही है, जिसने निवेश, निर्यात और कुल आर्थिक गति पर बुरा असर डाला था।
अनुमान है कि जैसे-जैसे स्थितियां स्थिर होंगी, निजी खपत (प्राइवेट कंजम्प्शन) के वृद्धि का मुख्य आधार बने रहने की उम्मीद है। हालांकि, अनिश्चितता और वित्तीय क्षेत्र की सीमाओं के कारण निवेश की गति धीमी रह सकती है, जिससे सुधार क्रमिक रहेगा।
निर्यात से भी वृद्धि में योगदान मिलने की संभावना है, लेकिन यह प्रमुख चालक नहीं होगा। बांग्लादेश का मुख्य निर्यात क्षेत्र यानी रेडीमेड गारमेंट्स वैश्विक टैरिफ में वृद्धि और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण दबाव में है।
मुद्रास्फीति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, मुद्रा के अवमूल्यन, आपूर्ति में व्यवधान और खाद्य कीमतों में वृद्धि के कारण महंगाई उच्च स्तर बनी हुई है, जिससे क्रय शक्ति और आर्थिक सुधार प्रभावित हो रहा है। महंगाई को काबू में रखने के लिए मौद्रिक नीति सख़्त बनी हुई है और ब्याज दरें ऊंचे स्तर पर हैं। वर्ल्ड बैंक ने कहा कि इससे ऋण ग्रोथ सीमित हुई है और निजी निवेश पर बुरा असर पड़ा है।
बैंकिंग क्षेत्र भी दबाव में है, जहां गैर-निष्पादित ऋण (एनपीएल) का उच्च स्तर उधार देने की क्षमता और निवेशकों के विश्वास को प्रभावित कर रहा है। बाहरी दबाव भी बने हुए हैं। वैश्विक ऊर्जा की ऊंची कीमतों और आयात पर निर्भरता से चालू खाता और राजकोषीय संतुलन पर दबाव पड़ने की उम्मीद है, जिससे व्यापक आर्थिक चुनौतियां और बढ़ेंगी। इन रुकावटों के बावजूद वर्ल्ड बैंक ने कहा कि अगर सुधार लागू किए जाते हैं और राजनीतिक स्थिरता बनी रहती है, तो मध्यम अवधि में ग्रोथ के मजबूत होने की उम्मीद है।
वर्ल्ड बैंक के अलग-अलग अनुमानों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025-26 में बांग्लादेश की ग्रोथ बढ़कर लगभग 4.6 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026-27 में लगभग 6.1 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, क्योंकि महंगाई कम होगी और निवेश में तेजी आएगी।
पिछले एक दशक में, बांग्लादेश दक्षिण एशिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक रहा है, जिसका मुख्य कारण मजबूत निर्यात प्रदर्शन और कपड़ों पर आधारित एक बड़ा विनिर्माण आधार है। हालांकि, बार-बार सामने आने वाली चुनौतियां, जिनमें वित्तीय क्षेत्र की कमजोरियां, बाहरी जोखिम और राजनीतिक अनिश्चितता शामिल हैं, इसकी विकास की राह को लगातार प्रभावित कर रही हैं, जिससे इसकी रिकवरी असमान बनी हुई है।
–आईएएनएस
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