अश्विनी कुमार जी पंजाब केसरी के सम्पादक नहीं बल्कि सामाजिक न्याय के पुरौंधा भी थेः जेपी चौधरी

पंजाब केसरी बिहार झारखंड के ब्यूरो चीफ जेपी चौधरी ने पंजाब केसरी के दिवंगत सम्पादक अश्विनी कुमार जी का 65वां जन्मदिवस के अवसर पर कहा कि पंजाब केसरी के दिवंगत सम्पादक स्व. अश्विनी कुमार जी जिन्हें प्यार से मिन्ना जी बुलाते थे।

पंजाब केसरी बिहार झारखंड के ब्यूरो चीफ जेपी चौधरी ने पंजाब केसरी के दिवंगत सम्पादक अश्विनी कुमार जी का 65वां जन्मदिवस के अवसर पर कहा कि पंजाब केसरी के दिवंगत सम्पादक स्व. अश्विनी कुमार जी जिन्हें प्यार से मिन्ना जी बुलाते थे। उनका जन्म आज ही के दिन 11 जून, 1956 को जलंधर में हुआ था। उन्हेेंने शिक्षा-दीक्षा डीएभी स्कूल में ग्रहण किया। उन्हें खिलाड़ी बनने का बहुत शौक था और नामवर खिलाड़ियों में रहे। खेल छोड़कर उन्होंने कलम को अपनाया। 
स्व. अश्विनी कुमार मिन्ना जी ने हरियाणा के करनाल लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और भारी मतों से विजयी हुए। पंजाब केसरी की भूमिका 1984 में बहुत महत्वपूर्ण था। क्योंकि उस समय खालिस्तान आन्दोलन चरम सीमा पर था। अश्विनी कुमार जी के दादा लाला जगत नारायण जी तथा उनके पिता रमेश चन्द्र जी को 12 मई, 1984 को आतंकवादियों ने गोलियां का निशाना ‌बनाया था। 
1980 में पंजाब में जब खालिस्तान आन्दोलन शुरू था पंजाब केसरी सही समाचार प्रकाशित करती थी। पंजाब केसरी देश का पहला ऐसा अखबार था जिसके सम्पादक लाला जगत नारायण और सम्पादक बेटे रमेश चन्द्र जी को कुर्बानी देनी पड़ी थी। हॉकर लोग आ‌तंकवादी के खौफ खाकर अखबार नहीं बांटते थे। पंजाब केसरी ने सोंचा कि जलंधर से प्रेस को बंद कर दूसरे जगह स्थापित किया जाये। वहीं अश्विनी कुमार जी का सपना था कि प्रेस जलंधर में प्रेस चलती रहे। पंजाब केसरी ग्रुप में अपने सारे परिवार को एक मकान में ‌सीमट कर रहे और अखबार को निर्भय होकर चलाते रहे।
उन्होंने बताया कि हिन्द समाचार ग्रुप के कोई पंजाब केसरी अखबार को उग्रवादियों ने धमकी दिया था कि अगर लाला जी का अखबार कोई हॉकर उठायेगा तो उन्हें भी गोली मार दीजायेगी। अश्विनी जीको यह बात बहुत डरा रहा था कि अखबार अगर बंद हो जायेगी तो विज्ञापन बंद हो जायेगी। इसलिए खुद दिवंगत सम्पादक अश्विनी कुमार और वर्तमान में बिहार के ब्यूरो चीफ जेपी चौधरी मिलकर सिर्विस लाईन पक्काबाद और कंपनीबाद में अखबार बेचते थे और हमारे आगे-पीछे पंजाब पुलिस रहती थी। इसके बावजूद भी अश्विनी कुमार ने अखबार के पाठकों तक पहुंचाने का काम किया। 
अश्विनी कुमार जी एक जुझारू पत्रकार थे जिन्होंने 1983 में जलंधर से आकर दिल्ली में पंजाब केसरी का प्रकाशन शुरू किया। दिल्ली में अखबार प्रकाशन शुरू होते ही पंजाब केसरी ने पूरे देश में एक अलग छाप छोड़ा। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी कहते थे कि पंजाब केसरी और अश्विनी कुमार जी किसी को छोड़ते नहीं हैं और सच्चाई के सामने झुकते भी नहीं हैं।
जेपी चौधरी अश्विनी कुमार जी को नमन करते हुए बताया कि वैसे सम्पादक जिन्होंने समाजसेवा के लिए अपने पूरे परिवार का बलिदान दे दी। अश्विनी कुमार हर दम कहते थे कि हर समय सच बोलना, मुंह पर बोलना, निश्पक्ष लिखना। निर्डरता ऐसे लोगों को तो सभी मित्र होते हैं या कभी नहीं। 
देश का पंजाब केसरी एक ऐसा अखबार है जिसके सम्पादक अश्विनी कुमार ने पाठकों के लिए दो सम्पादकीय लिखना शुरू किया। एक पन्ना विशेष सम्पादकीय और और दूसरा पन्ना पर संपादकीय। अश्विनी कुमार देश और विदेश कहीं भी रहे सुबह उठकर वे रोजाना दो सम्पादकीय तैयार करते थे। अश्विनी कुमार निडर और गरीबों के आवाज उठाने वाले सम्पादक थे जो कभी किसी के सामने झुके नहीं। अश्विनी जी कहते थे- जब तक जीयेंगे लिखते रहेंगे खबरनामे।चल देंगे हाथ में कलम थामे।।

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पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।