बिहार : CM नीतीश कुमार ने ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में लोगों से उनकी शिकायतें सुनी

बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार आज आम लोगों से उनकी शिकायतें और सुझाव सुन रहे हैं। ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पूरे राज्‍य के लोग पहुंचे हुए हैं।

बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार आज आम लोगों से उनकी शिकायतें और सुझाव सुन रहे हैं। ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पूरे राज्‍य के लोग पहुंचे हुए हैं। इस दौरान स्‍टूडेंट क्रेडिट कार्ड से जुड़ी शिकायतें अधिक आ रही हैं। इस पर मुख्‍यमंत्री ने चिंता जताई। उन्‍होंने कहा कि हैं। उन्‍होंने शिक्षा विभाग के बड़े अधिकारी को तलब कर कहा कि ऐसी शिकायतें नहीं आनी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि ऐसे मामलों की समीक्षा कीजिए और जहां भी दिक्‍कत हो, उसे तुरंत दूर कीजिए।जनता दरबार में आए गोपालगंज के एक छात्र ने कहा कि उसे स्‍टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
छात्र का कहना था कि पाटलिपुत्र विश्‍वविद्यालय में उसका तीन साल का कोर्स छह साल में भी पूरा नहीं हुआ। अधिकारी कहते हैं कि तुम्‍हें मुख्‍यमंत्री की वजह से ही योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। इस पर मुख्‍यमंत्री ने कहा कि मैं तुम्‍हें अधिकारी के पास भेजता हूं, वे सारी बात समझ लेंगे। लेकिन छात्र अपनी बात बाेलता ही जा रहा था। इस पर मुख्‍यमंत्री थोड़ा झल्‍ला गए। वे बोले- प्रवचन देने लगता है सब…। हालांकि इसके तुरंत बाद उन्‍होंने अधिकारी को कहा कि इन शिकायतों को गंभीरता से सुनिए और छात्रों की परेशानी दूर कीजिए। उन्‍होंने कहा कि गोपालगंज से स्‍टूडेंट क्रेडिट कार्ड की शिकायतें अधिक आ रही हैं। इसको देख लीजिए।स्‍टूडेंट क्रेडिट कार्ड के बाद सबसे अधिक शिकायतें समाज कल्‍याण विभाग से जुड़ी समेकित बाल विकास परियोजना (आंगनबाड़ी) की आईं। 
कई लोगों ने आंगनबाड़ी और आइसीडीएस के कार्यालय में गलत तरीके से बहाली की शिकायत की। इस बीच मुख्‍यमंत्री लोगों को संबंधित अधिकारी के पास भेजते रहे। एक बार उन्‍होंने संबंधित अधिकारी को फोन लगाकर कहा कि वे सभी लोगों की शिकायतें ठीक से सुनें और समझें। इस सोमवार को मुख्य रूप से शिक्षा, स्वास्थ्य व समाज कल्याण विभाग से जुड़े मामलों को सुनेंगे। महीने के दूसरे सोमवार के लिए तय अन्य विभाग हैैं पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, सूचना प्रावैधिकी,  कला संस्कृति एवं युवा, वित्त, श्रम संसाधन व सामान्य प्रशासन।

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