हमारा संकल्प, सभी को आर्थिक और सामाजिक आजादी के साथ उचित सम्मान देना है, जिसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं: जिवेस कुमार

मंत्री जिवेश कुमार ने इस उपलब्धि के लिये विभाग के सभी पदाधिकारियों को अपनी ओर से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह विभाग श्रमिकों के हित के लिए कार्यरत है, जो मानव सेवा का अद्वितीय स्वरूप है।

पटना जेपी चौधरी: बिहार असंगठित क्षेत्र के निर्माण कामगारों को सबल बनाये जाने के लिए राज्य में श्रम संसाधन विभाग के अंतर्गत बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड कार्यरत है। बोर्ड के तहत निबंधित कामगारों को लाभ दिए जाने हेतु अनेक योजनाओं का संचालन किया जाता है, यथाः ‘मृत्यु लाभ’, ‘दाह संस्कार’, ‘मातृत्व लाभ’, ‘निर्माण श्रमिकों के बच्चों के शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता’, ‘विवाह के लिए वित्तीय सहायता’, ‘वार्षिक चिकित्सा सहायता योजना’, ‘दुर्घटना अनुदान’, ‘पारिवारिक पेंशन’, ‘विकलांगता पेंशन’, ‘नकद पुरस्कार’, ‘पितृत्व लाभ’ आदि। 
विदित हो कि राज्य में सभी प्रकार के निर्माण कार्यो से उपार्जित एक प्रतिशत सेस कर से योजना के प्रावधान के अनुरूप लाभार्थियों के खाते में हित लाभ राशि अंतरित की जाती है। प्रति वर्ष सेस कर के उपार्जन हेतु लक्ष्य निर्धारित कर जिला एवं प्रखंड स्तर पर कार्यरत श्रम अधीक्षक और श्रम प्रवर्त्तन पदाधिकारियों को दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए विभाग के बिहार सरकार मंत्री,  जिवेश कुमार द्वारा 400 करोड़ रूपये उपकर संचय करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके आलोक में लगभग 373 करोड़ रूपये उपार्जित किया गया है, जो वर्ष 2008 में बोर्ड के गठन के उपरांत किसी भी वित्तीय वर्ष में अब तक सबसे ज्यादा है। विगत वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल उपार्जित उपकर लगभग 330 करोड़ की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य के तीन जिलों यथा पटना, मुजफ्फरपुर तथा गया में सर्वाधिक उपकर उपार्जित किया गया है।
 मंत्री जिवेश कुमार ने इस उपलब्धि के लिये विभाग के सभी पदाधिकारियों को अपनी ओर से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह विभाग श्रमिकों के हित के लिए कार्यरत है, जो मानव सेवा का अद्वितीय स्वरूप है। अपने कार्य के दौरान हम सब वंचितों, दबे-कुचले और अंतिम पायदान पर जीवन यापन करने वाले उन श्रमिकों के सेवार्थ कुछ करते हैं, जो अपनी बीमारी, गृह निर्माण, व्यवसाय को लगाने और बच्चों के शिक्षा हेतु मदद के लिए कातर नेत्रों से आशान्वित होते हैं। इसका प्रतिफल हमें अनेक स्वरूप में मिलता है। प्रदेश की उन्नति, आर्थिक सबलता, सामाजिक उत्थान और सरोकार के साथ राष्ट्र के विकास और नव निर्माण में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से हमारी सहभागिता प्रदर्शित होती है।  बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री जिवेश कुमार ने  बताया कि अद्यतन आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 3,78,023 निर्माण श्रमिकों को निबंधित किया गया। अद्यतन निबंधित निर्माण मजदूरों की संख्या कुल 26,29,001 है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के अन्तर्गत कुल 9,95,243 लाभुकों के बीच रूपये 338,00,12,051/- राशि का वितरण किया गया। इसमें से कुल 9,90,530 लाभुकों को रूपये 2,97,15,90,000/- वार्षिक चिकित्सा सहायता की राशि प्रदान की गयी है। इसी प्रकार विवाह के लिए वित्तीय सहायता के तहत 1964 लाभुकों को रुपये 9,82,00,000/-, मृत्यु लाभ के तहत उनके 1386 आश्रितों को रूपये 28,18,32,000/- तथा दाह संस्कार हेतु आर्थिक सहायता के तहत 990 लाभार्थियों को 48,86,000/- रूपये का लाभ प्रदान किया गया है। राज्य में निबंधित कामगारों के बच्चों को मैट्रीक तथा इन्टर की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने के उपरान्त नकद पुरस्कार योजना के तहत कुल 541 लाभुकों के बैंक खातों में बीच कुल रूपये 71,25000/- अन्तरित की गयी है। इसी प्रकार मातृत्व लाभ योजना के अन्तर्गत 631 महिला कामगारों को 1,50,40,051/- रूपये तथा पितृत्व लाभ योजना के अन्तर्गत 103 लाभुकों को कुल 6,18,000/- रूपये का लाभ प्रदान किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंषन योजना के अन्तर्गत बोर्ड में निबंधित निर्माण श्रमिकों को आच्छादित किया जा रहा है। 
वित्तीय वर्ष 2021-22 में ही सभी निबंधित निर्माण श्रमिकों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से आच्छादित किया गया है। बोर्ड द्वारा माह अक्टूबर 2020 तक निबंधित श्रमिकों को इस योजना के अन्तर्गत लाभान्वित करने के उद्देष्य से कुल 110.90 करोड़ की राशि को स्वास्थ्य विभाग के बिहार राज्य स्वास्थ्य सुरक्षा समिति को हस्तान्तरित की गयी है। इससे प्रत्येक निबंधित निर्माण श्रमिक पाँच लाख रूपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। 
ज्ञात हो कि Covid-19 के महामारी के दौरान, Covid-19 विशेष अनुदान योजना के तहत कुल- 2,21,53,92,000.00/- रूपये कुल-11,07,696 निबंधित निर्माण श्रमिकों के खाते में अंतरित की गयी, जिससे उन्हें तात्कालिक सहायता मिली और उनकी आर्थिक सबलता बनी रही। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2020-21 में वार्षिक चिकित्सा लाभ के तहत कुल 9,89,853 निबंधित मजदूरों के बैंक खातों में 2,96,95,59,000/- राशि अन्तरित की गयी थी।
मंत्री जिवेस कुमार ने विशेष रूप से कहा कि प्रदेश की सरकार श्रमिकों के हितार्थ निरंतर क्रियाशील है। हमारा संकल्प, सभी को आर्थिक और सामाजिक आजादी के साथ उचित सम्मान देना है, जिसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं।

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