रूस-यूक्रेन युद्ध से लेकर चक्रवाती तूफ़ान तक….,इस वजह से बढ़ रहे सब्जियों के दाम

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम, हर चीज महंगी, अब आसमान छूते सब्जियों के भाव। ऐसे में आम घरों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है…

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम, हर चीज महंगी, अब आसमान छूते सब्जियों के भाव। ऐसे में आम  घरों का बजट पूरी तरह से बिगड़ गया है। गैस सिलेंडर की बढ़ी कीमतों से जहां महिलाएं पहले ही परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर हरी सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने थाली से इन्हें जैसे गायब ही कर दिया है। 
 देश की राजधानी की बात करें तो दिल्ली में टमाटर के दाम 80 रुपए प्रति किलो जबकि देश के कुछ शहरों में दाम 100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। ऐसे में बड़ा सवाल उठता कि आखिर कौन-सा कारण है, जिस वजह से सब्जियों के दामों में लगातार इजाफा हो रहा है। चलिए आइए जानते है….
सबसे पहला है रूस-यूक्रेन युद्ध
 रूस और यूक्रेन दुनिया में बड़े खाद्यान उत्पादक देशों में गिने जाते हैं। दोनों देशों में युद्ध होने के कारण वहां से प्रभावित हुई है, जिस कारण दुनिया में महंगाई में इजाफा हुआ है।
दूसरा है ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ना
 देश में सब्जियों के दाम बढ़ने के पीछे की एक बड़ी वजह पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफा होना है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के कारण देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिस कारण देश में तेजी से माल ढुलाई की लागत में इजाफा हुआ है। गौरतलब है पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम में 40 फीसदी तक की तेजी आई है।
तीसरा है सब्जी विक्रेताओं को घाटा होना
पेट्रोल- डीजल की कीमत बढ़ने का सीधा असर सब्जी विक्रताओं के मुनाफे पर पड़ा है। ऐसे में अपने सब्जी विक्रेताओं को दुकान के संचालन और ठीक-ठाक मुनाफा कमाने के लिए सब्जियों को अधिक दाम पर बेचना पड़ रहा है।
चौथा है आपूर्ति में कमी
 दिल्ली समेत देश के अधिकतर शहरों में कीमत बढ़ने की बड़ी वजह बारिश के कारण आपूर्ति में कमी आना है। गाजीपुर मंडी के विक्रेता का कहना है कि बारिश के बाद अक्सर आपूर्ति बाधित होने के कारण सब्जियों के दामों में इजाफा होता है। फिलहाल टमाटर की आवक कम होने के कारण दाम बढ़े हुए है।
पाचंवा हैं चक्रवाती तूफ़ान
 सब्जियों की कीमत में वृद्धि होने की वजह आपूर्ति में भी कमी होना है। पिछले और इस साल आए चक्रवाती तूफानों के कारण गुजरात, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश,महाराष्ट्र और गुजरात में नीबू जैसी फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है और इनके दाम आसमान पर पहुंच गए हैं।

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