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भारी गिरवाट के साथ खुला शेयर बाजार, निफ्टी 8,400 से नीचे आया

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के विनाशकारी प्रभाव सामने हैं और दुनिया स्पष्ट रूप से मंदी में प्रवेश कर चुकी है।

बीएसई सेंसेक्स सूचकांक में सोमवार को शुरुआती सत्र के दौरान 1,100 अंकों से अधिक की गिरावट हुई। कोविड-19 महामारी के चलते दुनिया के आर्थिक मंदी की गिरफ्त में आने की आशंका से वैश्विक बाजार घाटे में आ गए और जिसके असर से घरेलू बाजार बच नहीं सके। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के विनाशकारी प्रभाव सामने हैं और दुनिया स्पष्ट रूप से मंदी में प्रवेश कर चुकी है। 
इसके चलते सेंसेक्स शुरुआती कारोबार के दौरान 28,708.83 के निचले स्तर तक जा पहुंचा और खबर लिखे जाने तक 855.82 अंकों या 2.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 28,959.77 पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह एनएसई निफ्टी 245.30 अंक या 2.83 प्रतिशत गिरकर 8,414.95 अंक पर आ गया। सेंसेक्स में सबसे अधिक बजाज फाइनेंस में आठ फीसदी की गिरावट हुई। इसके अलावा एमएंडएम, टाटा स्टील, बजाज ऑटो, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक और कोटक बैंक भी गिरने वाले शेयरों में शामिल थे। दूसरी ओर टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचयूएल, एक्सिस बैंक और आईटीसी में तेजी देखने को मिली। 

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पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 131.18 अंक या 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 29,815.59 पर और निफ्टी 18.80 अंक या 0.22 प्रतिशत बढ़कर 8,660.55 पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने पूंजी बाजार में लिवाली की और शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को उन्होंने सकल आधार पर 355.78 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर खरीदे। कारोबारियों के मुताबिक दुनिया भर में निवेशक कोविड-19 के मामलों में हो रही बढ़ोतरी और लॉकडाउन के चलते आर्थिक गतिविधियों को नुकसान के कारण चिंतित हैं। 
विश्लेषकों ने कहा कि भारत सरकार और आरबीआई के प्रोत्साहन पैकेज का तब तक सीमित असर होगा, जब तक बीमारी के वास्तविक असर का पता नहीं चलता है। बीएसई सेंसेक्स सूचकांक में सोमवार को शुरुआती सत्र के दौरान 1,100 अंकों से अधिक की गिरावट हुई। कोविड-19 महामारी के चलते दुनिया के आर्थिक मंदी की गिरफ्त में आने की आशंका से वैश्विक बाजार घाटे में आ गए और जिसके असर से घरेलू बाजार बच नहीं सके। 
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के विनाशकारी प्रभाव सामने हैं और दुनिया स्पष्ट रूप से मंदी में प्रवेश कर चुकी है। इसके चलते सेंसेक्स शुरुआती कारोबार के दौरान 28,708.83 के निचले स्तर तक जा पहुंचा और खबर लिखे जाने तक 855.82 अंकों या 2.87 प्रतिशत की गिरावट के साथ 28,959.77 पर कारोबार कर रहा था। इसी तरह एनएसई निफ्टी 245.30 अंक या 2.83 प्रतिशत गिरकर 8,414.95 अंक पर आ गया। 
सेंसेक्स में सबसे अधिक बजाज फाइनेंस में आठ फीसदी की गिरावट हुई। इसके अलावा एमएंडएम, टाटा स्टील, बजाज ऑटो, ओएनजीसी, एचडीएफसी बैंक और कोटक बैंक भी गिरने वाले शेयरों में शामिल थे। दूसरी ओर टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचयूएल, एक्सिस बैंक और आईटीसी में तेजी देखने को मिली। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 131.18 अंक या 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 29,815.59 पर और निफ्टी 18.80 अंक या 0.22 प्रतिशत बढ़कर 8,660.55 पर बंद हुआ। 
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने पूंजी बाजार में लिवाली की और शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक शुक्रवार को उन्होंने सकल आधार पर 355.78 करोड़ रुपये के इक्विटी शेयर खरीदे। कारोबारियों के मुताबिक दुनिया भर में निवेशक कोविड-19 के मामलों में हो रही बढ़ोतरी और लॉकडाउन के चलते आर्थिक गतिविधियों को नुकसान के कारण चिंतित हैं। विश्लेषकों ने कहा कि भारत सरकार और आरबीआई के प्रोत्साहन पैकेज का तब तक सीमित असर होगा, जब तक बीमारी के वास्तविक असर का पता नहीं चलता है। 

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