वनस्पति तेल का आयात 3.5 प्रतिशत बढ़ा

देश में वनस्पति तेलों का आयात में अक्टूबर में समाप्त हुए विपणन वर्ष 2018-19 में 3.5 प्रतिशत बढ़कर 155.5 लाख टन रहा।

नई दिल्ली : देश में वनस्पति तेलों का आयात में अक्टूबर में समाप्त हुए विपणन वर्ष 2018-19 में 3.5 प्रतिशत बढ़कर 155.5 लाख टन रहा। वर्ष के दौरान विशेष रूप से रिफाइंड तेलों का आयात ऊंचा रहा। वनस्पति तेलों (खाद्य और अखाद्य तेलों) का आयात पिछले वर्ष में 150.26 लाख टन का हुआ था। 
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ने एक बयान में कहा कि विपणन वर्ष 2018-19 (नवंबर-अक्टूबर) में खाद्य तेल का आयात बढ़कर 149.13 लाख टन रहा। इससे पिछले साल आयात 145.16 लाख टन था। इसी दौरान अखाद्य तेओं का आयात बढ़कर 6,36,159 टन हो गया जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 5,09,748 टन था। रिफाइंड तेल का आयात 2017-18 के मुकाबले 21.36 लाख टन के मुकाबले 2018-19 में 27.31 लाख टन रहा। 
समीक्षाधीन अवधि में कच्चे खाद्य तेल का आयात गिरकर 123.81 लाख टन रह गया जो इससे पिछले वर्ष की समान अवधि में 121.82 लाख टन था। वर्ष के दौरान घरेलू रिफाइंड खाद्य तेल उद्योग की स्थापित क्षमता का उपयोग घटकर 46 प्रतिशत रह गया है। साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने वर्ष 2014-15 के दौरान हुए 1.9 लाख टन अखाद्य तेल के आयात के मुकाबले वर्ष 2018-19 में आयात 6.4 लाख टन के ‘खतरनाक स्तर’ तक पहुंचने के प्रति चिंता व्यक्त की है। यह साल दर साल 35.47 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 
साल्वेंट एक्सट्रेक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के दौरान, खाद्य तेल का समग्र आयात 0.84 प्रतिशत के सीएजीआर की दर से बढ़ा। कच्चे और रिफाइंड तेलों के बीच प्रतिकूल शुल्क ढांचा होने की वजह से रिफाइंड पामोलीन का आयात वर्ष 2014-15 के 16.6 लाख टन से बढ़कर वर्ष 2016-17 में 28.7 लाख टन हो गया। उसके बाद वर्ष 2017-18 में आयात घटकर 21.3 लाख टन रह गया।

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