Delhi Bus Route : 2 अक्तूबर से 50% DTC बसों के साथ शुरू होगा रूट का नया ट्रायल

दिल्ली परिवहन निगम विभाग (Department of Delhi Transport Corporation) जल्द ही शहर में नए रूटों की शुरुआत करने वाली है। लगभग 20 साल बाद दिल्ली के सार्वजनिक बस परिवहन सिस्टम में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है।

Delhi Bus Route : दिल्ली परिवहन निगम विभाग (Department of Delhi Transport Corporation) जल्द ही शहर में नए रूटों की शुरुआत करने वाली है। लगभग 20 साल बाद दिल्ली के सार्वजनिक बस परिवहन सिस्टम में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। हालांकि ये नए रूट अभी सिर्फ ट्रायल के लिए होंगे। और इनकी शुरूआत दो अक्टूबर से होगी।
दिल्ली परिवहन विभाग ने मंगलवार को लोगों के सुझाव और आपत्तियों के लिए प्रस्तावित रूटों का ड्राफ्ट जारी किया। नए रूट में गाजियाबाद भी शामिल है, जहां पहले डीटीसी की बसें नहीं जाती थीं। रूटों में बदलाव का मकसद देश की राजधानी में सार्वजनिक परिवहन की सेवाओं को और सुलभ बनाना है।
दिल्ली परिवहन निगम की बसों में रोजाना औसतन करीब 42 लाख लोग यात्रा करते हैं। यह संख्या दिल्ली में चलने वाली मेट्रो के यात्रियों से बहुत अधिक है। दिल्ली मेट्रो की राइडरशिप करीब 27 लाख है। इस समय दिल्ली के 625 रूटों पर डीटीसी की करीब 73 सौ बसें चलती हैं।
दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दिल्ली के बस रूटों में लगभग 20 साल से कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। जबकि इस दौरान, एक बड़ा जनसंख्या विस्फोट हुआ है और नई कॉलोनियां बसी हैं। मेट्रो का भी विस्तार हुआ है.पुराने बस मार्ग अब उपयुक्त नहीं रह गए हैं, क्योंकि व्यवसाय, फुरसत का समय और वाणिज्यिक केंद्र बदल गए हैं। 
ऐसे में सार्वजनिक परिवहन प्रणाली को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने के लिए रूटों में बदलाव की यह योजना बहुत महत्वपूर्ण है। वह भी ऐसे समय में जब दिल्ली में निजी वाहनों की संख्या सबसे अधिक है, इससे सड़कों पर भीड़भाड़ और वायु प्रदूषण अधिक होता है।
आगामी 4 सालों में बसों की संख्या बढ़ाकर 11000 करने का लक्ष्य
जानकारी के लिए आपको बता दें कि दिल्ली में डीटीसी और क्लस्टर की लगभग 7300 बसें सड़को पर दौड़ रही हैं। लेकिन आगे चार सालों में सरकार का लक्ष्य बसों की संख्या को बढ़ाकर लगभग 11000 करने का है। ऐसे में रूटों को ध्यान में रखते हुए भी सरकार नई बसें लाएगी।
पीक ऑवर्स में 5 मिनट के इंतजार में मिलेगी बस 
परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बदलाव से बसों की फ्रीक्वेंसी में सुधार होगा और लोगों को अलग-अलग रूटों पर जाने के लिए बस स्टॉप पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रमुख रूटों पर पीक ऑवर्स में 5-5 मिनट की फ्रीक्वेंसी पर भी बसें मिला करेंगी।
50% बसों के साथ 2 अक्टूबर से ट्रायल
एनसीआर और फीडर रूटों को छोड़कर बाकी के सभी नए रूटों पर 2 अक्टूबर से ट्रायल बेसिस पर बसों का परिचालन शुरू किया जाएगा। लोग इन नए रूटों को अच्छी तरह से समझ सकें और इस दौरान पुराने रूटों पर चलने वालों को भी कोई दिक्कत न हो, इसके लिए ट्रायल के दौरान अभी केवल 50 प्रतिशत बसों को ही नए रूटों के अनुसार चलाया जाएगा। 
पुराने रूट पर चलेंगी 50% बस
बाकी 50 प्रतिशत बसों को पुराने रूटों के तहत ही चलाया जाएगा। धीरे-धीरे जब लोगों को नए रूटों के बारे में पता चल जाएगा, तब इस व्यवस्था को पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा। उसके बाद सभी बसें नए रूटों के हिसाब से चलेंगी। ट्रायल एक से तीन महीने तक चल सकता है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अगले साल की शुरुआत से दिल्ली में बसें इन नए रूटों के हिसाब से ही चला करेंगी।

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