काला धन मामले में गौतम खेतान के वकील को सुप्रीम कोर्ट से फटकार

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने बुधवार को अगस्ता वेस्टलैंड मामले में गौतम खेतान के वकील को पूर्व प्रभाव के साथ काला धन कानून की उपयुक्तता को लेकर फटकार लगाई है।

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने बुधवार को अगस्ता वेस्टलैंड मामले में गौतम खेतान के वकील को पूर्व प्रभाव के साथ काला धन कानून की उपयुक्तता को लेकर फटकार लगाई है। न्यायमूर्ति मिश्रा ने सुनवाई के दौरान कहा, “आप पीठ को नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहे हैं। यह अनुचित आचरण है।”
न्यायमूर्ति मिश्रा ने खेतान के मामले में सुनवाई की तिथि पर एक वरिष्ठ वकील के सहमत नहीं होने पर आपत्ति जताते हुए कहा, ‘बकवास’ खेतान अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में आरोपी हैं और उन्हें काला धन अधिनियम के तहत आरोपी बनाया गया है। 
न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा, “न्याय को इस तरह से खरीदा नहीं जा सकता। जैसे कि आप पीठ को नजरअंदाज करना चाहते हैं। हम इसके खिलाफ हैं। यह इस अदालत में नहीं चलेगा।” जब वकील ने अन्य तिथि पर सुनवाई के लिए जोर डाला तो, न्यायमूर्ति मिश्रा ने कहा, “आप लोग वकील हैं और आपसे कानून की सुरक्षा करने की उम्मीद है। मामला सुनवाई के लिए अगले हफ्ते बुधवार को प्रस्तावित है।” 
सर्वोच्च न्यायालय ने मई में दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा थी, जिसमें कहा गया था कि 2016 कालाधन कानून को पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता है। उच्च न्यायालय ने 16 मई को केंद्र और आयकर विभाग को खेतान के खिलाफ कोई भी कार्रवाई करने से रोक दिया था। न्यायमूर्ति मिश्रा की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की अवकाश पीठ ने खेतान के खिलाफ नोटिस जारी किया था और उनसे छह सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा था। 
मई में, केंद्र ने सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था और दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत आदेश दिया गया था काला धन कानून को पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया जा सकता, इसका मतलब है कि इसे एक अप्रैल, 2016 से पहले लागू नहीं किया जा सकता जैसा कि संसद ने तय किया था। सॉलिस्टिर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और संजीव खन्ना की पीठ को उच्च न्यायालय के आदेश के निहितार्थ न्यायालयों के समक्ष लंबित कई मामलों पर पड़ने वाले प्रभाव पर ध्यान दिलाया था। 
16 मई को, दिल्ली उच्च न्यायालय ने सरकार और आयकर विभाग को काला धन(अघोषित विदेश आय व संपत्ति) और कराधान अधिनियम, 2015 के तहत खेतान के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का आदेश पारित किया था। अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए खेतान ने अदालत के समक्ष कहा था कि केंद्र द्वारा काले धन पर अधिनियम अधिसूचित करने से पहले ही खुद ब खुद लागू हो गया। प्रवर्तन निदेशालय ने 26 जनवरी को वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सौदा घोटाले के आरोपी खेतान को विदेशी खातों में कथित रूप से पैसा जमा करवाने के लिए गिरफ्तार किया था। 

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