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कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को अस्थायी तौर पर बंद करने से प्रदूषण कम करने में मदद मिली : सरकार

दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में कोयले से चलने वाले कुछ बिजली संयंत्रों को पिछले वर्ष बंद करने से प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिली है। सरकार ने राज्यसभा में यह जानकारी दी।

दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में कोयले से चलने वाले कुछ बिजली संयंत्रों को पिछले वर्ष बंद करने से प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिली है। सरकार ने राज्यसभा में यह जानकारी दी।
पिछले साल नवंबर में दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में खतरनाक वायु गुणवत्ता के मद्देनजर दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में 11 ताप विद्युत संयंत्रों (टीपीपी) में से छह को बंद कर दिया गया था। वायु गुणवत्ता के खराब श्रेणी में बने रहने के बाद इन निर्देशों को 15 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया था।
केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘ यह सभी को पता है कि कोयला बहुत प्रदूषण फैलाने वाला ईंधन है। दिसंबर 2021 में दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में कोयला से चलने वाले कुछ बिजली संयंत्रों को बंद करने के साथ ही अन्य उपायों से प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिली है।’’
बीजू जनता दल के सांसद अमर पटनायक ने सवाल किया था कि क्या वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा दिसंबर 2021 में दिल्ली के आसपास कोयले से चलने वाले कुछ बिजली संयंत्रों को बंद करने से दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण को कम करने में मदद मिली या नहीं।

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