रंगला पंजाब की तस्वीर

पंजाब में परम्परागत राजनीतिक दलों से ऊब कर आम जनता ने परिवर्तन के लिए वोट डाला और आप पार्टी को बहुमत से सत्ता सौंप दी। आप सरकार को बने लगभग एक वर्ष हो चुका है।

पंजाब में परम्परागत राजनीतिक दलों से ऊब कर आम जनता ने परिवर्तन के लिए वोट डाला और आप पार्टी को बहुमत से सत्ता सौंप दी। आप सरकार को बने लगभग एक वर्ष हो चुका है। तमाम चुनौतियों के बावजूद भगवंत मान सरकार जनता से किए गए वायदों को पूरा करने का प्रयास कर रही है। आप पार्टी ने पंजाब में दिल्ली मॉडल की सरकार देने और व्यवस्था में परिवर्तन और भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का ऐलान किया था। पंजाब में नशीले पदार्थों के फैले हुए जाल, गैंगस्टरों के नेटवर्क, कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले दबंगों और पंथक मसलों से निपटने की चुनौतियों के बीच भगवंत मान सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने जो बजट पेश किया है उसमें दिल्ली मॉडल की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने अपने बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर फोकस किया है। दिल्ली की आप सरकार शिक्षा और  स्वास्थ्य में अपनी उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचा रही है। इसी तरह पंजाब की भगवंत मान सरकार ने शिक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य व्यवस्था पर ज्यादा जोर दिया। वैसे तो देश के अलग-अलग राज्यों की सरकारें हर साल अपना बजट पेश करती हैं।
 केन्द्र सरकार की तरह बजट में अगले वित्त वर्ष में राज्य सरकार की आय और व्यय का अनुमान बताया जाता है। हर राज्य सरकार के राजस्व जुटाने के अलग-अलग स्रोत होते हैं। योजनाओं पर होने वाला खर्च भी अलग-अलग राज्यों की अलग-अलग योजनाओं के हिसाब से बदलता है। केन्द्र सरकार लोगों से आयकर के तौर पर प्रत्यक्ष कर वसूलती है। जीएसटी रा​शि भी केन्द्र सरकार के पास जाती है। केन्द्र राज्य सरकारों को धन आवंटित करता है। इस तरह राज्य सरकार की आय का एक बड़ा ​हिस्सा केन्द्र सरकार के साथ राजस्व बंटवारे के तहत आता है। राज्य सरकारों की अपनी अर्थव्यवस्था चलाने के लिए अपने  बलबूते पर भी बहुत कुछ करना पड़ता है। पंजाब के वित्त मंत्री ने स्कूल और उच्च शिक्षा के लिए 17,072 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 12 फीसदी अधिक है। तकनीकी शिक्षा के बजट में भी वृद्धि की गई है। 500 सरकारी स्कूलों में आधुनिक डिजिटल क्लास रूम बनाने के लिए धन का प्रावधान किया गया है। पंजाब में कुल 19,176 स्कूल हैं। इसमें से 3597 स्कूलों में सोलर पैनल हैं। स्कूलों में बिजली का खर्च कम करने के लिए सभी स्कूलों में सोलर पैनल लगाने का फैसला किया गया है। राज्य में यूनिवर्सिटी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य की यूनिवर्सिटीज को 990 करोड़ की सहायता दिए जाने का प्रावधान है। बजट में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बजट में 11 फीसदी की बढ़ौतरी की गई है। मोहल्ला क्लीनिक तो पंजाब में पहले से ही चल रहे हैं। 142 नए आम आदमी क्लीनिक और अस्पतालों की दशा सुधारने के लिए भी काफी जोर दिया गया है। पंजाब कृषि प्रधान राज्य है। कोई भी बजट कृषि पर फोक्स किए बिना नहीं रह सकता।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले इस साल बजट में 26 फीसदी की बढ़ौतरी हुई है। बजट में कृृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस बार कृषि और उससे संबंधित सैक्टरों को 13,888 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। पिछले साल के मुकाबले ये 20 फीसदी अधिक है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार जल्द ही कृषि नीति लाएगी। इसके लिए विशेषज्ञों की समिति बना दी है। फसल विविधीकरण यानी क्रॉप डाइवरसिफिकेशन के लिए एक हजार करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। बासमती फसल की खरीद के लिए रिवॉल्विंग फंड बनाने की घोषणा की है।
बजट में 300 यूनिट फ्री ​बिजली और ढाई लाख नौकरियों जैसे बड़े ऐलान किए गए। वहीं पराली जलाने के उपायों की भी घोषणा की गई। बजट में हर वर्ग को कुछ न कुछ देने की कोशिश की गई है। अब सवाल यह है कि पंजाब पर इस समय 31 जनवरी, 2023 तक 2,81,954 करोड़ रुपए कर्ज हो गया है। पंजाब सरकार ने 14383 करोड़ रुपए का कर्ज वापिस भी किया है। आप सरकार कहती है कि यह कर्ज उसे विरासत में मिला है। यद्यपि पंजाब के वित्त मंत्री ने कोई नया कर नहीं लगाया। पंजाब की महिलाओं को 1000 रुपए प्रतिमाह देने के वायदे पर भी कुछ नहीं कहा लेकिन उन्होंने राजस्व हासिल करने के लिए कई तरह के उपाय भी सुझाए हैं। अवैध खनन को रोककर राजस्व प्राप्ति के उपाय पहले ही सरकार कर चुकी है। आप सरकार का कहना है कि सरकार खजाने का एक-एक पैसा पंजाब के लोगों पर खर्च करेगी और बुनियादी सुविधाओं से वंचित लोगों को हर सम्भव मदद देगी। अच्छी शिक्षा और बराबर के अवसरों के साथ ही परिवारों की गरीबी दूर की जा सकती है। अगर केन्द्र पंजाब को फंड देता है तो पंजाब किसी से भीख नहीं मांगता बल्कि अपना हक मांगता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का दावा है कि  राज्य की अर्थव्यवस्था पटरी पर लौट आई है। जब नीयत साफ हो तो मंजिल बहुत दूर नहीं होती। हम पंजाब काे फिर से रंगला पंजाब बनाएंगे। अब देखना यह है कि बजट की घोषणाएं जमीनी स्तर पर कितना उतरती हैं। योजनाओं का सही ढंग से लागू होना ही रंगले पंजाब की कल्पना को साकार करेगा।

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