सरपंच व ग्रामीणों के सहयोग से चलाया सफाई अभियान

हिसार: हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने राज्य सरकार एवं परिवहन अधिकारियों को चेतावनी दी है वह रोडवेज कर्मचारियों को बार-बार आंदोलन के लिए उकसाना बंद करें। कमेटी के अनुसार भीषण गर्मी के मौसम में चक्का जाम या हड़ताल आदि करके रोडवेज कर्मचारी यात्रियों को परेशान करने के पक्ष में नहीं हैं लेकिन राज्य सरकार की दोगली नीति व अधिकारियों द्वारा निजी बसों को टाइम देने के कारण रोडवेज कर्मचारी किसी भी समय चक्का जाम कर सकते हैं।

रोडवेज कर्मचारियों ने किया चक्का जाम

हिसार: हरियाणा रोडवेज वर्कर्स ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने राज्य सरकार एवं परिवहन अधिकारियों को चेतावनी दी है वह रोडवेज कर्मचारियों को बार-बार आंदोलन के लिए उकसाना बंद करें। कमेटी के अनुसार भीषण गर्मी के मौसम में चक्का जाम या हड़ताल आदि करके रोडवेज कर्मचारी यात्रियों को परेशान करने के पक्ष में नहीं हैं लेकिन राज्य सरकार की दोगली नीति व अधिकारियों द्वारा निजी बसों को टाइम देने के कारण रोडवेज कर्मचारी किसी भी समय चक्का जाम कर सकते हैं।

वीरवार सुबह के घटनाक्रम का ब्यौरा देते हुए रोडवेज नेता दलबीर किरमारा एवं रमेश सैनी ने बताया कि एक निजी बस ने सुबह लगभग 6 बजे काऊंटर नंबर एक से सवारियां उठाई थी और उसे 9.38 बजे फिर उसी काऊंटर से सवारियां उठानी थी। जब वह निजी बस आई तो बस मालिकों को समझाया गया कि 16 मई को विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की यृूनियनों से बातचीत है और उसके बाद इस मसले का हल निकल सकता है, इसलिए निजी बस संचालक जल्दबाजी करने की बजाय बैठक के दिन का इंतजार करें। निजी बसों को आता देखकर रोडवेज की सातों यूनियनों के पदाधिकारी व कर्मचारी एकत्रित हो गये, लेकिन निजी बस मालिकों ने यूनियनों का अनुरोध मानने से इनकार कर दिया, जिस पर मजबूर होकर रोडवेज यूनियनों को कुछ देर के लिए चक्का जाम करना पड़ा।

बाद में मौके पर पहुंचे तहसीलदार, डीएसपी व अन्य अधिकारियों के हस्तक्षेप से निजी बसों को बस अड्डे से निकाला गया और रोडवेज कर्मचारियों ने चक्का जाम खोल दिया।दलबीर किरमारा एवं रमेश सैनी ने कहा कि सरकार की दोगली नीति एवं अधिकारियों की मनमर्जी ही कर्मचारियों को आंदोलन के लिए उकसा रही है। एक तरफ तो मंत्री ने यूनियनों से 13 अप्रैल को समझौता किया था कि सरकार प्राइवेट परिवहन नीति वापस लेने की शपथ पत्र हाईकोर्ट में देगी, लेकिन शपथ पत्र संशोधन का दे दिया, यूनियन ने फिर आंदोलन व एसीएस के घेराव का अल्टीमेटम दिया तो फिर से बातचीत का निमंत्रण दे दिया गया लेकिन बीच-बीच में सरकार एवं अधिकारियों द्वारा गड़बड़ की जा रही है, और यदि इस गड़बड़ का नतीजा हड़ताल या चक्का जाम के रूप में निकलता है तो इसके लिए सरकार की दोगली नीति व अधिकारियों की मनमर्जी ही जिम्मेवार होगी।

उन्होंने विभाग की सभी यूनियनों की एकजुटता को ऐतिहासिक बताते हुए कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे विभाग, कर्मचारी व जनहित में एकजुट रहें। इस अवसर पर उपरोक्त के अलावा रोडवेज नेता सरबत सिंह पूनिया, रामसिंह बिश्नोई, राजपाल नैन, सतपाल डाबला, रमेश माल, बहादुर संडवा, जयभगवान बड़ाला, कुलदीप पाबड़ा, दर्शन जांगड़ा सहित अन्य नेता व कर्मचारी भी उपस्थित थे।

– राज

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