किसानों ने खराब फसलों के मुआवजे को लेकर प्रदर्शन में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का पुतला फूंका

किसानों ने खराब फसल के मुआवजा और अन्य कई मांगो को लेकर पिछले तीन दिनों से आंदोलनकारी किसानों ने बुधवार को नगर के बरनाला रोड पर बाबा भूमंन शाह चौक पर हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का पुतला फूंक उनके खिलाफ विरोध जताया है।

किसानों ने खराब फसल के मुआवजा और अन्य कई मांगो को लेकर पिछले तीन दिनों से आंदोलनकारी किसानों ने बुधवार को नगर के बरनाला रोड पर बाबा भूमंन शाह चौक पर हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला का पुतला फूंक उनके  खिलाफ विरोध जताया है। इससे पहले उप मुख्यमंत्री के आवास पर जाकर विरोध दर्ज करवाना चाहते थे मगर आवास से पहले पुलिस ने बेरिकेड लगाकर किसानों को वहाँ पहुंचने से पहले ही रोक लिया। किसानों के विरोध के दृष्टिगत भारी पुलिस बल और वाटर केनन गाड़यों को तैनात किया गया था।
किसानों ने हरियाणा सरकार पर क्या  लगाए आरोप?
गौरतलब है कि सिरसा जिला के भारी तादाद में किसान भारतीय किसान एकता (बीकेई ) के बैनर तले बीती 16 जनवरी से अपनी मांगों को लेकर जिले भर के किसान लघु सचिवालय के समक्ष धरने पर डटे हुए हैं। किसानों का आरोप है कि हरियाणा सरकार की तरफ से अभी तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी किसानों से बात करने के लिए उनके बीच में नहीं पहुंचा।
प्रदर्शन पर बीकेई अध्यक्ष का क्या कहना है ?
किसानों की अगुवाई कर रहे बीकेई अध्यक्ष लखविंद, सिंह औलख ने कहा कि इस सर्दी के मौसम में जिस तरह से किसान ट्रालियों में रातें गुजारते हैं। उससे पता चलता है कि किसानों में वो जज्बा आज भी कायम है, जो दिल्ली बॉर्डर पर दिखाया और केंद, सरकार को इन कानूनो को वापिस करने पर मजबूर कर दिया। उसी हौंसले के साथ यह मोर्चा भी जीतकर ही घर वापिस जायेंगे।
किसानों की क्या –क्या है मांग? 
किसान नेता औलख ने बताया कि साल 2020 का 258 करोड़ रुपए बकाया खरीफ मुआवजा व बीमा राशि जारी करवाने, जिले में यूरिया-डीएपी) खाद की आपूर्ति, ग्वार, बागवानी, सब्जी, हराचारा सहित सभी फसलों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में शामिल करवाने, किसानों के घरों व खेतों में लगे पेड़-पौधों की पैमाईश व निशानदेही बंद करवाने, ओटू हैड पर हिसार घग्घर के पानी की निकासी के लिए सायफन बनवाने, ओटू हैड से बणी तक एनसीजी नहर का निर्माण, बेगू अरनियावाली, नेजिया व बाजेकां के किसानों की जमीन की चकबंदी बंद करवाने, नहरी खालों के निर्माण की समय सीमा न देखते हुए मौके के हालात के हिसाब से दोबारा बनवाने, शहर व कस्बों से हुक्का बार बंद करवाना, किसान की किसी भी फर्म के खिलाफ शिकायत पर एक सैंपल शिकायतकर्ता किसान को दिलवाना, वाहनों के रोड पर चलने की समय सीमा हटवाना, क्षेत्र से नशा व भ्रष्टाचार बंद करवाने संबंधी किसानों की मांगों में शामिल हैं। इस मौके पर जिले भर के गांवों से बड़ संख्या में किसान मौजूद रहे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

four + eighteen =

पंजाब केसरी एक हिंदी भाषा का समाचार पत्र है जो भारत में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली के कई केंद्रों से प्रकाशित होता है।