असम में अल-कायदा टेरर मॉड्यूल का खुलासा, 12 जिहादी गिरफ्तार

असम में अल-कायदा टेरर मॉड्यूल का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने गुरुवार को बांग्लादेश स्थित आतंकवादी समूह अंसारुल इस्लाम से जुड़े 12 कथित जिहादियों को असम के दो जिलों से गिरफ्तार किया गया है। व

असम में अल-कायदा टेरर मॉड्यूल का बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने गुरुवार को बांग्लादेश स्थित आतंकवादी समूह अंसारुल इस्लाम से जुड़े 12 कथित जिहादियों को असम के दो जिलों से गिरफ्तार किया गया है। वहीं मोरीगांव जिले से सात अन्य लोगों को भी इसी संगठन के संपर्क सूत्र होने के संदेह में पकड़ा गया है।
पुलिस अधीक्षक अमिताभ सिन्हा ने बताया कि 12 संदिग्ध जिहादियों में से 10 को बारपेटा जिले के जानिया इलाके से गिरफ्तार किया गया, जबकि एक को गुवाहाटी से हिरासत में लिया गया। मोरीगांव जिला पुलिस प्रमुख अपर्णा नटराजन ने कहा कि मोइराबाड़ी थाने के सोरुचोला गांव में एक निजी मदरसा चलाने वाले एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और उस पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
अंसारुल इस्लाम से जुड़े होने के संदेह में 7 गिरफ्तार
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किया गया मुफ्ती मुस्तफा, अंसारुल इस्लाम से जुड़े विभिन्न वित्तीय लेनदेन और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में कथित रूप से शामिल था। अंसारुल इस्लाम , भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस) से संबद्ध संगठन है। सात अन्य लोग, जिन्हें पुलिस ने अंसारुल इस्लाम से जुड़े होने के संदेह में गिरफ्तार किया है, सभी गांव के एक अन्य मदरसे के शिक्षक हैं। 
मदरसे में वांछित व्यक्ति को शरण
2019 के बाद से, मुस्तफा ने अंसारुल इस्लाम के सदस्यों अमीरुद्दीन अंसारी और मामून राशिद के साथ कई वित्तीय लेनदेन किए थे, जिन्हें कुछ महीने पहले क्रमशः कोलकाता और बारपेटा में गिरफ्तार किया गया था। नटराजन ने बताया कि मुस्तफा के बैंक खातों को जब्त कर लिया गया है और खातों के लेन-देन का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि उसने मदरसे में अन्य देश के एक ‘वांछित व्यक्ति’ को भी शरण दी थी जो भागने में कामयाब हो गया था। गिरफ्तारियां बुधवार से की गई हैं।
असम में दो बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमाने संवाददाताओं से कहा कि यह एक ”राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित अभियान” था जिसमें राज्य में दो बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया था। उन्होंने कहा “कुछ कट्टरपंथी बांग्लादेश और असम को अस्थिर करने के लिए सक्रिय हैं। लेकिन हम उन्हें पकड़ने और मॉड्यूल को नष्ट करने के लिए सतर्क हैं।’’
सीएम सरमा ने कहा कि दो दिन पहले असम के एक युवक को बेंगलुरु में गिरफ्तार किया गया था, जबकि संगठन से जुड़े एक अन्य व्यक्ति को बुधवार को राज्य के बोंगाईगांव से पकड़ा गया था। उन्होंने कहा कि जिस मदरसे से मुस्तफा को गिरफ्तार किया गया था, वह निजी है और इसे बंद कर दिया गया है, उन्होंने कहा कि इसके छात्रों को सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिया जाएगा।
असम में कुछ समय पहले सभी सरकारी मदरसों को बंद कर दिया गया है। यह बारपेटा था, जहां अंसारुल इस्लाम के पांच कथित सदस्यों को मार्च में गिरफ्तार किया गया था और तब से, इससे जुड़े 30 से अधिक लोगों को पकड़ा गया है। अंसारुल इस्लाम को पहले अंसारुल बांग्ला टीम कहा जाता था।
पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने मार्च में कहा था कि वे ब्लॉग लिखने वालों, कलाकारों, कवियों और उन लोगों की हत्या में शामिल थे जो कट्टरपंथ के रास्ते पर नहीं चल रहे थे या स्वतंत्र विचार रखते थे।

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