महाराष्ट्र के मंत्री आदित्य ठाकरे को धमकी देने वाला शख्स बेंगलुरु में गिरफ्तार, जांच के लिए बनेगी SIT

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे को कथित तौर पर धमकी देने वाले एक व्यक्ति को मुंबई पुलिस ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया।

महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री आदित्य ठाकरे को कथित तौर पर धमकी देने वाले एक व्यक्ति को मुंबई पुलिस ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया। अधिकारी ने बताया कि आरोपी दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत का फैन है। इसके बाद राज्य सरकार ने बृहस्पतिवार को घोषणा की कि विधायकों एवं अन्य को धमकी की घटनाओं की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाएगा और ऐसे मामलों से निपटने के लिए एक नीति तैयार की जाएगी।
आरोपी की पहचान 34 वर्षीय जयसिंह राजपूत और दिवंगत बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के स्वयंभू प्रशंसक के रूप में हुई है, जो 14 जून, 2020 को अपने बांद्रा स्थित घर में मृत पाए गए थे। तेजी से कार्रवाई करते हुए, मुंबई पुलिस साइबर सेल की एक टीम ने राजपूत को 18 दिसंबर को बेंगलुरु से हिरासत में लिया और फिर उसे ट्रांजिट रिमांड पर यहां लाया गया। अब उसे 3 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने जूनियर ठाकरे को कम से कम तीन बार फोन किया था, लेकिन जब मंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया तो 8 दिसंबर को उन्हें गाली-गलौज और धमकी भरा व्हाट्सएप मैसेज भेजा। मैसेज में गाली-गलौज करते हुए राजपूत ने उन पर दिवंगत अभिनेता की ‘हत्या’ का आरोप लगाते हुए कहा,आपने सुशांत सिंह राजपूत को मार डाला। यही नहीं, आरोपी ने मंत्री ठाकरे को जान से मारने की धमकी भी दी। गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा में इस मुद्दे के सामने आने पर गंभीर संज्ञान लेते हुए गृह मंत्री दिलीप वालसे-पाटिल ने कहा कि मामले की जांच के लिए राज्य स्तरीय विशेष जांच दल का गठन किया जाएगा।
जब मामला विधानसभा में उठा तो अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री नवाब मलिक भी उठ खड़े हुए और कहा कि उन्हें भी पहले कई बार ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं और उन्हें संदेह है कि यह करतूत डॉ. नरेंद्र दाभोलकर और गोविंद पानसरे जैसे तर्कवादियों की हत्या करने वाले उसी समूह की हो सकती है। मलिक ने कहा,  जिस तरह से आदित्य ठाकरे को धमकी दी गई है, हमें संदेह है कि क्या यह उन्हीं संगठनों से जुड़ा है, जिन्होंने दाभोलकर और पानसरे की हत्या की थी। हम पहले ही इसकी जांच की मांग कर चुके हैं।विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने मांग का समर्थन किया और सत्तारूढ़ महा विकास अघाड़ी के मंत्रियों को धमकी की ऐसी घटनाओं की जांच कराने की मांग की। इस बीच, राजपूत पर भारतीय दंड संहिता और आईटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

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