बेंगलुरु मेट्रो पिलर हादसा: मृतकों के परिवार ने बॉडी लेने से किया इनकार

नम्मा मेट्रो और कर्नाटक सरकार ने प्रभावित परिवार को 20-20 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। सीएम ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा

बेंगलुरु में निर्माणाधीन मेट्रों का एक खंभा मंगलवार को चार लोगों के परिवार पर गिर गया था। इस घटना में एक महिला और उसके ढाई साल के बेटे की मौत हो गई थी, जबकि उसका पति और एक अन्य बच्चा घायल हो गए थे। वहीं, इस बीच पीड़ित परिवार के पिता मदन कुमार का कहना है कि कि हम शव तब नहीं लेंगे जब तक कॉन्ट्रैक्टर्स का लाइसेंस रद्द नहीं हो जाता है। कुमार कॉन्ट्रैक्टर्स के लाइसेंस को कैंसिल करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अपनी बेटी का शव तब तक नहीं लेंगे जब तक कॉन्ट्रैक्टर्स का लाइसेंस रद्द नहीं कर दिया जाता।
मृतक महिला के पति का बयान 
वहीं, मृतक महिला के पति लोहित कुमार जो इस घटना में घायल हो गए थे, उन्होंने कहा कि इस घटना में उन्होंने सब कुछ खो दिया। इस घटना पर उन्होंने दुख व्यक्त किया है और सरकार से अपील की है कि इस तरह की घटना दोबारा न हो यह सुनिश्चित किया जाए। घटना के बारे में बताते हुए लोहित ने कहा, ‘हम दोपहिया वाहन में यात्रा कर रहे थे। मुझे उन्हें एक संबंधित स्थान पर छोड़ना था और फिर वहां से जाना था। लेकिन सेंकडों में यह घटना हो गई। मैंने पीछे मुड़कर देखा तो मेरे होश उड़ गए। पत्नी और बच्चा गिर गए थे। मेरे हाथ में कुछ नहीं था।’
कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ दर्ज हो मामला
मृतक महिला के ससुर ने कहा कि उन्हें बात का अंदाजा नहीं था कि यहां एचबीआर लेआउट के पास बाहरी रिंग रोड पर यातायात जाम में फंसने से उनके परिवार के दो सदस्यों की जान चली जाएगी। उन्होंने कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कुमार ने कहा कि यह निर्माणाधीन तुरंत बंद होना चाहिए क्योंकि यह बिना सेफ्टी के चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर इस रास्ते से बस या कोई और वाहन चलता तो कई लोगों की जान जा सकती थी।
आउटर रिंग रोड पर हुई घटना
बता दें कि यह घटना बेंगलुरु में एचबीआर लेआउट के पास आउटर रिंग रोड पर सुबह करीब साढ़े 10 बजे हुई। ‘नम्मा मेट्रो’ (बेंगलुरु मेट्रो) के वास्ते कंक्रीट के खंभे को खड़ा करने के लिए की गई स्टील रॉड सेंटरिंग उनके स्कूटर पर गिर गई। खंभे की ऊंचाई 40 फुट से ज्यादा और वजन कई टन बताया जा रहा है। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने महिला और उसके ढाई साल के बेटे को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन दोनों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मेट्रो और सरकार ने की मुआवजे की घोषणा
नम्मा मेट्रो और कर्नाटक सरकार ने प्रभावित परिवार को 20-20 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने धारवाड़ में पत्रकारों से बात करते हुए घटना की जांच कराने और शोक संतप्त परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, ‘मुझे अभी इसके बारे में पता चला है, हम इसकी जांच कराएंगे।। हम खंभा गिरने के कारणों का पता लगाएंगे और मुआवजा भी देंगे।’ 
सीएम बोम्मई ने दिया जांच का आश्वासन
सीएम ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस उपायुक्त, बेंगलुरु पूर्वी भीमाशंकर एस गुलेद ने कहा कि लोहित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जाएगी। हादसे के बाद कुछ वक्त के लिये मार्ग पर जाम भी लग गया था। हादसे के वक्त उस मार्ग से कई वाहन गुजर रहे थे।

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