गुजरात : आदिवासियों के धरने में शामिल होने जा रहे कांग्रेस के आठ विधायकों को लिया गया हिरासत में

राज्य के गृहमंत्री प्रदीप सिंह जड़ेजा ने एक बयान जारी कर कांग्रेस पर आदिवासियों को गुमराह करने का लगाया। उन्होंने कहा कि बाड़ का काम गुजरात उच्च न्यायालय की इजाजत से किया जा रहा है जिसने अधिग्रहण प्रक्रिया से लगा स्थगनादेश हटा दिया है।

गुजरात के नर्मदा जिले में केवडिया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास छह गांवों में राज्य सरकार द्वारा बाड़ लगाए जाने के विरोध में आदिवासियों द्वारा दिए जा रहे धरने में शनिवार को शामिल होने जा रहे कांग्रेस के आठ विधायकों और 20 अन्य व्यक्तियों को पुलिस ने रास्ते में ही हिरासत में ले लिया। 
राजपीपला पुलिस थाने के निरीक्षक आरएन रथवा ने बताया कि केवडिया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास छह गांवों में बाड़ लगाने का विरोध कर रहे आदिवासियों का समर्थन करने के लिए यहां के जिलाधिकारी कार्यालय से केवडिया जाने के लिए निकलते ही आठ कांग्रेस विधायकों ओर 20 अन्य को हिरासत में ले लिया गया। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के पास स्थित गांव नवागम, वघारिया, लिम्दी, कोठी, गोरा और केवडिया के ग्रामीण बाड़ लगाए जाने से प्रभावित हुए हैं। 
कांग्रेस विधायक अनिल जोशियारा, पीडी वासव, चंद्रिकाबेन बारिया, पुनाभाई गमित और अन्य स्थानीय नेता सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (एसएसएनएनएल) की ओर से बाड़ लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं, जिसका दावा है कि इस जमीन का अधिग्रहण वर्ष 1960 के आसपास किया गया था। 
नर्मदा के जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में विधायकों ने बाड़ लगाए जाने के सरकार के कदम पर सवाल खडा किया है और पूछा है कि क्या लॉकडाउन के दौरान इस तरह के कार्य के लिए लिखित अनुमति ली गई है, जिसके कारण स्थानीय लोगो को विरोध करने पर मजबूर होना पड़ा। उधर, राज्य के गृहमंत्री प्रदीप सिंह जड़ेजा ने एक बयान जारी कर कांग्रेस पर आदिवासियों को गुमराह करने का लगाया। उन्होंने कहा कि बाड़ का काम गुजरात उच्च न्यायालय की इजाजत से किया जा रहा है जिसने अधिग्रहण प्रक्रिया से लगा स्थगनादेश हटा दिया है।

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